Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक चढ़कर 75,444 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर निफ्टी में भी 272 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,325 के आसपास कारोबार करने लगा। बाजार में आई इस तेजी के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका बताई जा रही है।
रिलायंस के शेयरों में करीब 6 फीसदी का उछाल देखने को मिला। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों में मुनाफा बढ़ने की खबर से निवेशकों का रुझान इस शेयर की ओर बढ़ा। इसके साथ ही टाटा स्टील, एनटीपीसी और मारुति जैसे प्रमुख शेयरों में भी खरीदारी हुई, जिससे बाजार के प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में क्यों आई तेजी?
सोमवार को शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 6 फीसदी उछलकर 1,238.10 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय नतीजों को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान 25,548 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 41 फीसदी अधिक बताया गया है।
मुनाफे में इस बढ़ोतरी के बाद शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। रिलायंस का सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ा वेटेज होने के कारण इसके शेयरों में तेजी का असर पूरे बाजार पर भी दिखाई दिया।
इन बड़े शेयरों में भी रही खरीदारी
शेयर बाजार में तेजी के दौरान कई अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। टाटा स्टील, एनटीपीसी और मारुति के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार के दौरान इन शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
| कंपनी | शेयर में तेजी |
|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | करीब 6% |
| टाटा स्टील | 4.24% |
| NTPC | 3.28% |
| मारुति सुजुकी | 2.69% |
इन कंपनियों के शेयरों में तेजी का असर मेटल, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के सूचकांकों पर भी पड़ा। इन क्षेत्रों में कारोबार के दौरान मजबूती देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी मिला समर्थन
बाजार में तेजी के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भी खरीदारी की जानकारी सामने आई। विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिली और प्रमुख शेयरों को सहारा मिला।
हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री के अंतिम आंकड़े कारोबारी सत्र पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। बाजार की चाल पर घरेलू निवेशकों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी असर पड़ता है।
आधे घंटे में निवेशकों की संपत्ति 6 लाख करोड़ रुपये बढ़ी
सोमवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार की तेजी का असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार खुलने के करीब आधे घंटे के भीतर BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 474 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 480 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
इस तरह शुरुआती कारोबार में बाजार पूंजीकरण में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी को इस बढ़त का प्रमुख कारण बताया गया है।
हालांकि, मार्केट कैप में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशकों के खातों में सीधे 6 लाख करोड़ रुपये जमा हो गए। यह सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की बाजार कीमत के आधार पर निकाला जाने वाला कुल मूल्य है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
शुरुआती तेजी के बाद बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों से प्रभावित हो सकती है। कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख और आर्थिक संकेतक आगे के कारोबार में अहम भूमिका निभाएंगे।
रिलायंस जैसे बड़े शेयरों में उतार-चढ़ाव का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश का फैसला न लें। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और अपनी निवेश अवधि का आकलन करना चाहिए।



