Amit Shah Haryana Visit: करनाल में निकाली पदयात्रा, बोले- कांग्रेस की अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति एक्सपोज

गृह मंत्री ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतिम दिन करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा की। इसके बाद अंबाला छावनी में नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे।

Amit Shah Haryana Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार, 5 नवंबर को हरियाणा के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने करनाल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हिस्सा लिया। करीब एक किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति अब पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है और देश की जनता इसके खिलाफ सड़कों पर उतर रही है।

अमित शाह ने कहा कि भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान का गुरुवार को अंतिम दिन है। यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में पार्टी मुख्यालयों पर आयोजित किया गया। उनके मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर इस कार्यक्रम को जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। शाह ने दावा किया कि देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों का समर्थन देखने को मिला।

करनाल में सेक्टर-12 से शुरू हुई पदयात्रा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करनाल के सेक्टर-12 मॉल के पास से ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की शुरुआत की। इस दौरान भाजपा के नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उनके साथ पैदल चले। पदयात्रा का मार्ग करीब एक किलोमीटर निर्धारित किया गया था। कार्यक्रम के लिए कर्ण कैनाल के पास मंच भी तैयार किया गया था, जहां शाह ने लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अभियान के दौरान एक जैसा उत्साह देखने को मिला है। शाह ने भाजपा के इस कार्यक्रम को लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच पहुंच बनाने की पहल के रूप में पेश किया।

22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चला अभियान

अमित शाह ने अपने भाषण में बताया कि भाजपा ने 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया। इसके तहत पार्टी मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाह ने कहा कि इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और हर जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया।

उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता के समर्थन का भी जिक्र किया। शाह के अनुसार, देशभर में आयोजित पदयात्राओं और रैलियों के दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। हालांकि, यह दावा गृह मंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 1300 पुलिसकर्मियों की तैनाती

अमित शाह के दौरे को देखते हुए करनाल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कार्यक्रम से एक दिन पहले बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और गृह मंत्रालय की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया था। पदयात्रा के रास्ते से लेकर जनसभा स्थल तक सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों का जायजा लिया और रिहर्सल भी किया।

कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई थी। सुरक्षा कारणों से आम वाहनों और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह की सुरक्षा में करीब 1300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

पदयात्रा में शामिल होने वाले लोगों के प्रवेश के लिए सेक्टर-12 मॉल के पास व्यवस्था बनाई गई थी। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग होने और कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रतिबंधित किए जाने के कारण शहर के लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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अंबाला में शहीद स्मारक का करेंगे लोकार्पण

करनाल में कार्यक्रम के बाद अमित शाह का अंबाला छावनी पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां वह नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम को भी उनके हरियाणा दौरे का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

इस तरह अमित शाह का हरियाणा दौरा राजनीतिक कार्यक्रम और शहीदों की स्मृति से जुड़े आयोजन, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। करनाल में भाजपा के अभियान के अंतिम दिन आयोजित पदयात्रा के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि अंबाला में शहीद स्मारक के लोकार्पण के जरिए राज्य के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

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