नई दिल्ली । पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने लाहौर उच्च न्यायालय की रावलपिंडी पीठ को बताया कि जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जावेद इकबाल ने इस्लामाबाद के प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें सभी आरोपों का दोषी घोषित किया था और उन्हें 29 मई, 2019 को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने इस्लामाबाद के प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (एफजीसीएम) के सामने भी पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया। इसके अलावा, यह कहा गया कि याचिकाकर्ता पाकिस्तानी सेना में सेवा करते हुए अत्यधिक संवेदनशील पदों पर रहा और उसकी सजा को निलंबित करने से राज्य की सुरक्षा को खतरा होगा।
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