Monsoon Session 2026: मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने संसद भवन परिसर में करीब तीन घंटे लंबी सर्वदलीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में 40 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने और विभिन्न मुद्दों पर सभी दलों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने की। बैठक में सरकार की ओर से कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे, जबकि विपक्षी दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने मुद्दे सरकार के सामने रखे।

रिजिजू बोले- सकारात्मक माहौल में हुई चर्चा

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के साथ रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और सभी दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की गई है।

रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सबसे बड़ा मंच है और सरकार चाहती है कि हर मुद्दे पर नियमों के तहत खुलकर बहस हो।

विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे

बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी। इनमें बेरोजगारी, महंगाई, किसानों से जुड़े विषय, सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और कई राज्यों के राजनीतिक घटनाक्रम जैसे मुद्दे शामिल रहे। विपक्ष ने सरकार से इन विषयों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

सोमवार को राज्यसभा में पेश होगा ‘वंदे मातरम’ विधेयक

केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि सोमवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम विधेयक’ पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह विधेयक आगामी दिनों में संसद में व्यापक चर्चा का विषय बन सकता है। सरकार का कहना है कि विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय मूल्यों और देशभक्ति की भावना को संस्थागत रूप से बढ़ावा देना है, जबकि विपक्ष इस पर अपने विचार संसद में रखेगा।

मानसून सत्र में हंगामे के आसार

इस बार के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ-साथ राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर भी जोरदार बहस होने की संभावना है। विपक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि वह विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार का कहना है कि वह सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सदन की कार्यवाही बाधित न हो।

मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही संसद में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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