Ayushmann Khurrana: बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा एक सामाजिक पहल को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता ने महाराष्ट्र के जालना जिले के एक ग्रामीण इलाके का दौरा किया, जहां बच्चों और खासकर लड़कियों की शिक्षा से जुड़ी एक गंभीर समस्या उनके सामने आई। इस दौरान एक बच्ची ने उन्हें पत्र देकर अपने स्कूल तक पहुंचने वाली खराब और असुरक्षित सड़क की परेशानी बताई। बच्ची की बात ने आयुष्मान को भावुक कर दिया और उन्होंने इस मुद्दे को अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया।
दरअसल, आयुष्मान खुराना जालना में UNICEF के सहयोग से चल रहे एक कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उन्हें स्कूल तक पहुंचने में आने वाली परेशानियों को करीब से समझने की कोशिश की। गांव की बच्चियों ने अभिनेता से बातचीत के दौरान बताया कि स्कूल तक जाने वाली सड़क की खराब स्थिति उनके लिए बड़ी समस्या है। असुरक्षित रास्ते के कारण कई बच्चों, खासकर लड़कियों के सामने पढ़ाई छोड़ने तक की स्थिति पैदा हो जाती है।
इसी दौरान एक बच्ची ने आयुष्मान को पत्र सौंपा। इस पत्र में उसने स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क की खराब हालत और उससे जुड़ी सुरक्षा की समस्या का जिक्र किया था। बच्ची की बात सुनने के बाद अभिनेता ने इसे केवल एक स्थानीय समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने बच्चियों के पत्र जिला कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से सौंपे और अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा भी की।
आयुष्मान ने इस दौरान ग्रामीण भारत की समस्याओं पर भी अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ी के लिए हमें अपनी जिम्मेदारियों को लेकर ज्यादा जागरूक होना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर गांवों में रहने वाले बच्चे सुरक्षित और बेहतर माहौल में शिक्षा हासिल नहीं कर पाएंगे तो देश की प्रगति भी प्रभावित होगी। अभिनेता ने ग्रामीण विकास को देश के भविष्य से जोड़ते हुए बच्चों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।
इस दौरे की खास बात यह भी रही कि आयुष्मान के मुताबिक यह UNICEF के लिए उनका पहला ग्रामीण फील्ड विजिट था। वह इससे पहले दिल्ली और मुंबई सहित कई जगहों पर UNICEF के अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें संगठन के जमीनी स्तर पर चल रहे काम को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वह आगे भी इस तरह के काम से जुड़े रहना चाहते हैं।
आयुष्मान खुराना लंबे समय से बच्चों के अधिकारों और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहे हैं। UNICEF India ने 2020 में उन्हें बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जोड़ा था। संगठन के साथ उनके काम में बच्चों को हिंसा से बचाने और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।
जालना का यह दौरा इसी सामाजिक भूमिका का एक और उदाहरण माना जा रहा है। एक छोटी बच्ची का पत्र एक बड़े मुद्दे की ओर ध्यान खींचने में कामयाब रहा। खराब सड़क जैसी बुनियादी समस्या किस तरह बच्चों की शिक्षा और खासकर लड़कियों की स्कूल तक पहुंच को प्रभावित कर सकती है, यह मामला उसी की तस्वीर सामने लाता है। अब उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर जरूरी कदम उठाएगा और बच्चों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।
आयुष्मान के लिए यह दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम में शामिल होने तक सीमित नहीं रहा। एक बच्ची की आवाज को अधिकारियों तक पहुंचाने की उनकी कोशिश ने यह संदेश जरूर दिया कि बच्चों की छोटी-सी शिकायत भी अगर गंभीरता से सुनी जाए तो वह बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है। जालना की इस बच्ची का पत्र अब सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल की ओर ध्यान खींचने वाला दस्तावेज बन गया है।



