Gold Price Update: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्र में जहां सोने में तेजी देखने को मिली थी, वहीं आज बाजार कुछ ठंडा नजर आया। सर्राफा बाजार में कीमतों में आई इस नरमी ने उन लोगों को राहत दी है जो त्योहारी सीजन या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि गिरावट बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के बीच यह बदलाव खरीदारों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
आज कितना है सोने का रेट?
ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी पिछले दिन के मुकाबले थोड़ा सस्ता हुआ है। इसके अलावा 18 कैरेट गोल्ड के दाम में भी हल्की कमी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं और वैश्विक संकेतों के आधार पर इनमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
प्रमुख शहरों में क्या हैं भाव?
देश के कई बड़े शहरों में सोने की कीमतों में मामूली बदलाव देखने को मिला है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों में सोने के भाव लगभग समान स्तर पर बने हुए हैं। वहीं लखनऊ, जयपुर और पटना में भी कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई है। स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण शहरों के बीच कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
क्यों फिसले सोने और चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली बढ़ने और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना है। इसके अलावा वैश्विक निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर टिकी हुई हैं। ब्याज दरों को लेकर किसी भी बड़े फैसले का असर सीधे तौर पर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, तो वह कीमतों में गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार कर सकता है। वहीं ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी मौजूदा स्तर एक बेहतर अवसर माना जा रहा है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में सोने-चांदी के बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहता है तो कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है। वहीं किसी बड़े आर्थिक घटनाक्रम की स्थिति में सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों और खरीदारों की नजर अगले कुछ दिनों के बाजार रुझानों पर बनी हुई है।
written by Siddhi Srivastava