UPSC: UPSC के बाद IAS ट्रेनिंग में भी मिलती है सैलरी, जानिए कितना आता है खाते में

UPSC: मसूरी की LBSNAA में होती है अधिकारियों की ट्रेनिंग, बेसिक पे 56,100 रुपये; कटौतियों के बाद इतनी रहती है रकम

UPSC: भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS में चयन होना लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा लक्ष्य होता है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चयन के बाद उम्मीदवार सीधे नियमित प्रशासनिक पद पर नहीं पहुंचते, बल्कि उन्हें एक विस्तृत प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस प्रशिक्षण का अहम हिस्सा मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी यानी LBSNAA में होता है।

यहां प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासनिक कामकाज से लेकर कानून, अर्थव्यवस्था, संविधान और मैनेजमेंट जैसे विषयों की जानकारी दी जाती है। साथ ही उन्हें फील्ड में प्रशासन चलाने का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान IAS प्रशिक्षु को वेतन भी मिलता है।

हर महीने 56,100 रुपये का बेसिक पे

प्रशिक्षण अवधि में IAS अधिकारी के लिए शुरुआती बेसिक पे 56,100 रुपये प्रतिमाह होता है। यह पे लेवल-10 के शुरुआती वेतनमान के अनुरूप है।

लेकिन यह पूरी राशि प्रशिक्षु के बैंक खाते में नहीं आती। ट्रेनिंग के दौरान हॉस्टल, मेस और दूसरी निर्धारित सुविधाओं से संबंधित शुल्क और अन्य कटौतियां की जाती हैं। इन कटौतियों के बाद मिलने वाली रकम सामान्य तौर पर करीब 35 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह बताई जाती है।

ट्रेनिंग की शुरुआत फाउंडेशन कोर्स से

IAS सहित कई सिविल सेवाओं के चयनित अधिकारियों के प्रशिक्षण की शुरुआत फाउंडेशन कोर्स से होती है। इस चरण में अलग-अलग सेवाओं के अधिकारी एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं।

कोर्स के दौरान संविधान, भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था, कानून, अर्थव्यवस्था, इतिहास, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट सहित कई विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका मकसद अधिकारियों में प्रशासनिक समझ विकसित करना और उन्हें आगे की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना होता है।

क्लासरूम के बाहर भी सीखते हैं अधिकारी

LBSNAA का प्रशिक्षण केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहता। अधिकारियों को देश की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए अलग-अलग गतिविधियों में शामिल किया जाता है।

भारत दर्शन के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों को देखने-समझने का अवसर मिलता है। इससे उन्हें अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की प्रशासनिक चुनौतियों का अनुभव मिलता है।

जिला स्तर पर समझते हैं प्रशासन

ट्रेनिंग का सबसे अहम व्यावहारिक हिस्सा जिला प्रशिक्षण माना जाता है। इस चरण में प्रशिक्षु अधिकारी अपने आवंटित कैडर के जिले में जाकर प्रशासन के वास्तविक कामकाज को समझते हैं।

कलेक्टर कार्यालय और विभिन्न जिला स्तरीय विभागों के साथ काम करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व, विकास कार्यों और जनता से जुड़े प्रशासनिक मामलों की जानकारी मिलती है। आगे चलकर उन्हें स्वतंत्र जिम्मेदारियों के जरिए निर्णय लेने और फील्ड में काम करने का अनुभव भी मिलता है।

रहने से लेकर खेल तक की सुविधाएं

अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों के लिए रहने और पढ़ाई से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इनमें आवास, लाइब्रेरी, अध्ययन क्षेत्र और खेल संबंधी सुविधाएं शामिल हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शारीरिक गतिविधियों के साथ खेल, ट्रैकिंग और अन्य सामूहिक गतिविधियों को भी जगह दी जाती है। इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में अनुशासन, टीमवर्क और शारीरिक सक्रियता को बढ़ावा देना होता है।

सेवा शुरू होने पर बढ़ता है वेतन

प्रशिक्षण के अलग-अलग चरण पूरे करने के बाद IAS अधिकारी अपने कैडर में नियुक्त होते हैं और नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं। शुरुआती स्तर पर 56,100 रुपये बेसिक पे के अलावा नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।

समय के साथ सेवा अनुभव और पदोन्नति के आधार पर अधिकारी का वेतनमान भी बढ़ता है। वरिष्ठ पदों पर पहुंचने के बाद IAS अधिकारियों का वेतन एक लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक हो सकता है।

यानी IAS की ट्रेनिंग सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए तैयारी का दौर नहीं है, बल्कि इसी अवधि से अधिकारी को सरकारी सेवा में वेतन और निर्धारित सुविधाएं भी मिलने लगती हैं।

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