Madhya Pradesh News: एनसीएल मुख्यालय पर विस्थापितों का हुंकार, 45 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन

45 सूत्रीय मांगों को लेकर एनसीएल मुख्यालय पर विस्थापितों का जोरदार प्रदर्शन, सभी गेटों पर तालाबंदी की कोशिश के बीच पुलिस से नोकझोंक; राजेश सिंह बोले- हक और अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष रहेगा जारी

Madhya Pradesh News: सिंगरौली में विस्थापितों की लंबित समस्याओं को लेकर बुधवार को एनसीएल मुख्यालय में उस समय गहमागहमी का माहौल बन गया, जब सिंगरौली संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 45 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। भूमि अधिग्रहण, उचित मुआवजा तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की मांगों को लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एनसीएल मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान मुख्यालय के सभी गेटों पर ताला लगाने की कोशिश को लेकर पुलिस बल और विस्थापितों के बीच नोकझोंक का सिलसिला चलता रहा।

सिंगरौली संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सिंगरौली क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, उचित मुआवजा तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से जुड़ी 45 सूत्रीय मांगों को लेकर एनसीएल मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी राजेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर जिन परिवारों की जमीन और आजीविका प्रभावित हुई है, उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा, रोजगार तथा समुचित पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने एनसीएल प्रबंधन से मांग की कि विस्थापितों की 45 सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए उनके निराकरण के लिए ठोस पहल की जाए। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि विस्थापित परिवारों के अधिकारों और न्यायोचित मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।

मुख्यालय के गेटों पर तालाबंदी को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव की स्थिति

धरना-प्रदर्शन के दौरान एनसीएल मुख्यालय के सभी गेटों पर तालाबंदी करने की कोशिश को लेकर पूरे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। गेटों पर तालाबंदी की कोशिश और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगातार नोकझोंक तथा आंख-मिचौली का दौर चलता रहा। इस दौरान मुख्यालय परिसर के आसपास काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ एनसीएल मुख्यालय

प्रदर्शन को देखते हुए एनसीएल प्रबंधन और अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर सिंगरौली जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। मुख्यालय के सभी प्रवेश द्वारों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस की मौजूदगी और प्रदर्शनकारियों की सक्रियता के चलते पूरा मुख्यालय परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई।

45 सूत्रीय मांगों को लेकर विस्थापितों ने बुलंद की आवाज

सिंगरौली संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार तथा पुनर्वास-पुनर्स्थापन से संबंधित 45 सूत्रीय मांगों को लेकर एनसीएल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित हुए परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। विस्थापितों को उनका उचित अधिकार और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।

मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। 45 सूत्रीय मांगों के माध्यम से प्रभावित परिवारों के अधिकारों और समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रखा गया है। उन्होंने मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया तथा संघर्ष जारी रखने की बात कही।

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विस्थापन के मुद्दे पर फिर गरमाया सिंगरौली का माहौल

एनसीएल मुख्यालय पर आयोजित इस विशाल धरना-प्रदर्शन ने एक बार फिर सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास-पुनर्स्थापन से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर विस्थापित अपनी 45 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा। मुख्यालय के गेटों पर तालाबंदी की कोशिश और पुलिस बल के साथ लगातार नोकझोंक ने पूरे घटनाक्रम को और भी चर्चित बना दिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश सिंह एवं शेखर सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों राजेश सिंह, शेखर सिंह, दधिलाल सिंह, नरेंद्र चंद्र, पूर्व विधायक राम लल्लू बैश्य, आरवी सिंह, शिवशंकर, मनोज कुलश्रेष्ठ, विनोद कुरुवंशी, बंटी गर्ग, प्रेम प्रकाश शिशोदिया सहित हजारों की संख्या में विस्थापित मौजूद रहे।

सोनभद्र से संजय द्विवेदी की रिपोर्ट

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