Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख कमांडर मारा गया है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मारे गए आतंकी की पहचान सुलेमान शाह उर्फ फौजी मूसा के तौर पर हुई है। मुठभेड़ के बाद इलाके में अन्य आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षाबलों का अभियान जारी है।
यूसमर्ग के जंगलों में शुरू हुआ अभियान
यह कार्रवाई बड़गाम के ऊंचाई वाले क्षेत्र में की गई। यूसमर्ग के कोराग इलाके और दूधपथरी के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था।
अभियान में सेना की चिनार कोर के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे। तलाशी के दौरान संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरना शुरू किया। इसी दौरान छिपे आतंकियों की ओर से गोलीबारी की गई, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
कई घंटे चली गोलीबारी
सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच काफी देर तक फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी को ढेर कर दिया गया। बाद में उसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सुलेमान शाह उर्फ फौजी मूसा के रूप में की गई।
सेना की चिनार कोर की ओर से भी ऑपरेशन को लेकर जानकारी साझा की गई है। मूसा को सुरक्षाबलों की वांछित सूची में शामिल प्रमुख आतंकियों में बताया गया था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।
कई आतंकी घटनाओं में भूमिका का दावा
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार मूसा का नाम जम्मू-कश्मीर में हुई कई आतंकी घटनाओं से जोड़ा जाता रहा है। पीर पंजाल क्षेत्र के दोनों तरफ हुई कुछ आतंकवादी गतिविधियों में भी उसकी भूमिका की जांच की गई थी।
इससे पहले सितंबर की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस कार्रवाई में मूसा का करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, जबकि मूसा वहां से निकलने में कामयाब हो गया था। इसके बाद से सुरक्षाबल उसकी तलाश में जुटे थे।
शव और हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मारे गए आतंकी का शव बरामद कर लिया। उसके पास से हथियार और अन्य सामान भी मिलने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है।
सेना के मुताबिक ‘ऑपरेशन कोराग’ के तहत चलाया जा रहा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि इलाके में कुछ और आतंकी छिपे हो सकते हैं। इसी वजह से जंगल और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षाबल आसपास के जंगलों और संभावित ठिकानों की जांच कर रहे हैं। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
मूसा के मारे जाने को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, लेकिन इलाके में अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते ऑपरेशन को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है।



