Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया है कि उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख या समयसीमा अभी नहीं बताई जा सकती। वजह यह है कि ढाका की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध पर कानूनी प्रक्रिया के तहत विचार चल रहा है।
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 3 अक्टूबर को ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि इस मामले में प्रक्रिया जारी है और इसमें कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
प्रत्यर्पण अनुरोध पर चल रहा है विचार
भारत के सामने शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने का अनुरोध पहले से मौजूद है। ढाका की ओर से उनके प्रत्यर्पण की मांग कई बार की जा चुकी है। हालांकि, भारतीय पक्ष ने इस मामले में किसी जल्दबाजी या निश्चित समयसीमा का संकेत नहीं दिया है।
दिनेश त्रिवेदी के मुताबिक, मामला एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और अदालतों से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा। ऐसे में यह कहना संभव नहीं है कि हसीना कब बांग्लादेश लौटेंगी।
हसीना ने खुद दिसंबर का बताया था प्लान
भारत के ताजा रुख के बीच शेख हसीना पहले अपनी वापसी को लेकर अलग बात कह चुकी हैं। उन्होंने अगस्त 2026 में कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। इसके अलावा जुलाई में रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में भी उन्होंने और अवामी लीग के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दिसंबर के आसपास लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने की योजना की बात कही थी।
हालांकि, हसीना की ओर से बताई गई यह योजना और भारत की ओर से तय की जाने वाली प्रत्यर्पण प्रक्रिया दो अलग पहलू हैं। इसलिए दिसंबर की तारीख को उनकी निश्चित वापसी की तारीख नहीं माना जा सकता।
अगस्त 2024 में भारत आई थीं हसीना
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलन के बीच देश छोड़कर भारत आई थीं। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं। उनकी वापसी और प्रत्यर्पण का मुद्दा भारत-बांग्लादेश संबंधों में लगातार महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
बांग्लादेश की ओर से उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच ढाका भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है।
भारत ने कहा- प्रक्रिया का सम्मान करना जरूरी
भारतीय उच्चायुक्त ने संकेत दिया कि इस मामले में भारत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगा। यानी फिलहाल किसी तारीख या डेडलाइन की घोषणा करने के बजाय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार किया जाएगा।
भारत के विदेश मंत्रालय का रुख भी यही रहा है कि बांग्लादेश की ओर से मिले प्रत्यर्पण अनुरोध को स्थापित प्रक्रियाओं के तहत देखा जा रहा है।
हसीना की वापसी पर क्यों बनी हुई है नजर?
शेख हसीना की वापसी का मामला केवल एक प्रत्यर्पण अनुरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ता है। बांग्लादेश लगातार उनकी वापसी का मुद्दा उठाता रहा है, जबकि भारत ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है।
ऐसे में फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि हसीना ने दिसंबर में लौटने की इच्छा जताई है, लेकिन भारत ने उनकी वापसी के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की है। आगे की स्थिति प्रत्यर्पण अनुरोध से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।



