UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सभी राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
JDU के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने विपक्षी दलों की बैठकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक मंचों पर एकजुटता की बातें तो खूब होती हैं, लेकिन चुनाव के समय यह एकता दिखाई नहीं देती। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों की रणनीति अक्सर बैठकों तक ही सीमित रह जाती है।
विपक्षी गठबंधन पर उठाए सवाल
श्याम रजक ने कहा कि कई बार विपक्षी दल साझा रणनीति की बात करते हैं, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे के समय मतभेद खुलकर सामने आ जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनावी मैदान में उतरते ही अलग-अलग दल अपनी-अपनी राह पकड़ लेते हैं।
उन्होंने बिहार की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के चुनावों में भी विपक्षी एकता की तस्वीर मजबूत नहीं दिखी। रजक के अनुसार, साझा बैठकों के बावजूद कई दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतार दिए थे।
मणिशंकर अय्यर के बयान पर भी प्रतिक्रिया
JDU नेता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाई चुनौतियों जैसे मुद्दों पर देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। रजक ने आतंकवाद और सीमा सुरक्षा के विषय पर विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर क्या बोली JDU?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर चल रहे विवाद पर JDU नेताओं ने विपक्ष की आलोचना की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग को निशाना बनाकर अपनी राजनीतिक कमजोरियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। ऐसे में अदालत के फैसले से पहले किसी तरह की राजनीतिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। इसी बीच JDU के ताजा बयान ने सपा-कांग्रेस के रिश्तों और विपक्षी एकता पर नई बहस छेड़ दी है।



