Pillow Cleaning Tips: तकिया सिर्फ धूप में रखने से नहीं होगा साफ, जानिए गंदगी हटाने का सही तरीका

Pillow Cleaning Tips: तकिए में जमा धूल, पसीना और बैक्टीरिया आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सिर्फ धूप नहीं बल्कि सही सफाई भी जरूरी है।

Pillow Cleaning Tips: रोजाना इस्तेमाल होने वाला तकिया धीरे-धीरे धूल, पसीने और त्वचा से निकलने वाले तेल को सोखता रहता है। यही वजह है कि कुछ समय बाद उस पर पीले दाग दिखाई देने लगते हैं। कई लोग इसे साफ करने के लिए केवल धूप में रख देते हैं, लेकिन इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती।

विशेषज्ञों के अनुसार, धूप तकिए की नमी कम कर सकती है, लेकिन अंदर जमा गंदगी और बैक्टीरिया को पूरी तरह नहीं हटाती। इसलिए समय-समय पर तकिए की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है।

क्यों गंदा हो जाता है तकिया?

सोते समय शरीर से निकलने वाला पसीना, बालों का तेल और वातावरण की धूल लगातार तकिए में जमा होती रहती है। यदि तकिए को लंबे समय तक न धोया जाए तो उसमें बैक्टीरिया और एलर्जी पैदा करने वाले कण भी बढ़ सकते हैं।

मशीन में धोने से पहले क्या करें?

अगर आपके तकिए पर मशीन वॉश का निर्देश है, तो पहले उसका कवर निकाल लें। इसके बाद हल्के डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें और मशीन को जेंटल मोड पर चलाएं। एक साथ दो तकिए धोने से मशीन का बैलेंस भी बना रहता है।

हाथ से सफाई का तरीका

कुछ तकिए ऐसे होते हैं जिन्हें मशीन में नहीं धोया जा सकता। ऐसे में एक टब में गुनगुना पानी और हल्का डिटर्जेंट मिलाकर तकिए को साफ किया जा सकता है। धीरे-धीरे दबाकर गंदगी निकालें और बाद में साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।

पीले दाग हटाने के लिए अपनाएं ये उपाय

तकिए पर बने पुराने दाग हटाने के लिए धोने से पहले दाग वाली जगह पर हल्का डिटर्जेंट लगाकर कुछ देर छोड़ सकते हैं। इससे दाग ढीले पड़ जाते हैं और सफाई आसान हो जाती है।

सुखाने में न करें लापरवाही

धोने के बाद तकिए को पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है। अगर अंदर नमी रह जाती है तो उसमें बदबू और फफूंदी की समस्या हो सकती है। बेहतर होगा कि तकिए को खुली हवा और धूप में अच्छी तरह सुखाया जाए।

अच्छी नींद के लिए जरूरी है साफ तकिया

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तकिए के कवर को नियमित रूप से धोना चाहिए और समय-समय पर तकिए की भी गहरी सफाई करनी चाहिए। इससे न सिर्फ तकिया लंबे समय तक अच्छा रहता है, बल्कि नींद की गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

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