Donald Trump: 17 साल पुराने फोर्ट हुड हमले में नया मोड़, ट्रंप की मंजूरी के बाद मौत की सजा पर बढ़ी कार्रवाई

Donald Trump: 2009 में 13 लोगों की जान लेने वाले पूर्व सैन्य अधिकारी निदाल हसन के मामले में अमेरिकी प्रशासन ने आगे बढ़ाई प्रक्रिया, कानूनी विकल्प अब भी खुले

Donald Trump: अमेरिका के चर्चित फोर्ट हुड गोलीकांड मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व आर्मी मेजर निदाल मलिक हसन को फायरिंग स्क्वाड के जरिए मौत की सजा दिए जाने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद लंबे समय से लंबित मामला फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर 5 नवंबर 2009 को हुई गोलीबारी अमेरिकी इतिहास की सबसे गंभीर सैन्य घटनाओं में गिनी जाती है। उस समय सेना में मनोचिकित्सक के रूप में कार्यरत निदाल हसन ने सैन्य मेडिकल सेंटर में मौजूद सैनिकों पर गोलियां चला दी थीं। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

पेंटागन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब अमेरिकी सेना के अधिकारी सजा को लागू करने से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। इसमें समय, स्थान और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर फैसला लिया जाएगा।

हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि सजा का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। हसन के पास संघीय अदालतों में अपील करने का अधिकार मौजूद है। वह न्यायिक राहत की मांग करते हुए सजा पर रोक लगाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे मामलों में अपील की प्रक्रिया कई वर्षों तक चल सकती है।

अमेरिकी सैन्य न्याय प्रणाली में मौत की सजा के मामलों की संख्या बेहद कम रही है। वर्ष 1961 के बाद किसी सैन्य दोषी को फांसी नहीं दी गई है। यही वजह है कि निदाल हसन का मामला विशेष महत्व रखता है और इस पर पूरे अमेरिका की नजर बनी हुई है।

मुकदमे के दौरान हसन ने हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि उसने वैचारिक कारणों और अमेरिकी सैन्य अभियानों के विरोध के चलते इस हमले को अंजाम दिया। वहीं पीड़ित परिवार लंबे समय से इस मामले में अंतिम न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अब ट्रंप प्रशासन की मंजूरी के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आने वाले महीनों में अदालतों और सैन्य अधिकारियों के फैसले तय करेंगे कि सजा कब और किस रूप में लागू की जाती है।

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