UNSC: कश्मीर के सवाल पर पाकिस्तान में बोले गुटेरेस, UNSC की भूमिका पर उठाए सवाल

UNSC: पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर UN महासचिव ने सीधे जवाब से बनाई दूरी, शांति और संवाद को बताया विवादों के समाधान का रास्ता; असीम मुनीर से भी हुई मुलाकात

UNSC: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर सामने आया। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों को लेकर सवाल किया, जिनका हवाला पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर मुद्दे पर देता रहा है।

गुटेरेस ने इस सवाल का सीधे तौर पर कोई जवाब देने के बजाय व्यापक संदर्भ में कहा कि विवादों का समाधान शांति और बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी ‘गुड ऑफिसेज’ यानी मध्यस्थता की पेशकश परिस्थितियों के अनुरूप उपलब्ध है।

कश्मीर के बजाय UNSC की व्यवस्था पर किया फोकस

गुटेरेस ने जवाब के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि परिषद इस समय वैधता और प्रभावशीलता के संकट से गुजर रही है।

UN महासचिव के मुताबिक दुनिया की मौजूदा वास्तविकताओं को सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। उन्होंने परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को उठाता रहा है। गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे की आधिकारिक जानकारी में भी जम्मू-कश्मीर और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत का उल्लेख किया गया था।

असीम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात

पाकिस्तान यात्रा के दौरान गुटेरेस ने फील्ड मार्शल असीम मुनीर से रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में मुलाकात की। दोनों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, बातचीत में जम्मू-कश्मीर, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित रखना और अफगानिस्तान से पैदा होने वाले आतंकवाद जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

मुनीर ने पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय शांति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में पाकिस्तान के योगदान का उल्लेख किया। गुटेरेस ने भी पाकिस्तान और उसकी सेना के UN शांति अभियानों में योगदान की सराहना की।

इशाक डार ने भी उठाया कश्मीर का मुद्दा

गुटेरेस की पाकिस्तान यात्रा के दौरान उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ हुई बातचीत में भी जम्मू-कश्मीर का मुद्दा शामिल रहा। पाकिस्तानी पक्ष ने गुटेरेस के सामने कश्मीर और सिंधु जल संधि पर अपनी स्थिति रखी।

पाकिस्तान ने कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की बात दोहराते हुए संबंधित UNSC प्रस्तावों का हवाला दिया। गुटेरेस ने बातचीत और कूटनीति को विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया।

तीन दिन के दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे थे गुटेरेस

एंटोनियो गुटेरेस 6 से 8 अक्टूबर 2026 तक पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रहे। यह यात्रा पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर हुई।

दौरे के दौरान गुटेरेस ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, इशाक डार और असीम मुनीर समेत पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। उनके कार्यक्रम में UNMOGIP मुख्यालय का दौरा और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में ब्रीफिंग भी शामिल थी।

UNMOGIP मुख्यालय भी पहुंचे UN महासचिव

पाकिस्तान यात्रा के दौरान गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के मुख्यालय का भी दौरा किया। यह मिशन भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की निगरानी के लिए स्थापित किया गया था।

गुटेरेस की इस यात्रा को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

भारत ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोहराया अपना रुख

इसी दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपने पारंपरिक रुख को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोहराया। भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न हिस्से हैं और इस मुद्दे पर उसका रुख स्पष्ट है।

भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर लंबे समय से अलग-अलग दावे रहे हैं। पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय विवाद के रूप में उठाता है, जबकि भारत इसे अपना आंतरिक और द्विपक्षीय मुद्दा मानता है।

सिंधु जल संधि का मुद्दा भी बातचीत में रहा

गुटेरेस और पाकिस्तानी नेतृत्व के बीच बातचीत में सिंधु जल संधि का मुद्दा भी सामने आया। पाकिस्तान ने भारत के इस समझौते को स्थगित रखने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

भारत ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

कश्मीर पर सीधे रुख के बजाय संवाद पर जोर

गुटेरेस के बयान की सबसे अहम बात यह रही कि कश्मीर पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने किसी एक पक्ष के दावे का समर्थन करने के बजाय शांति, संवाद और मध्यस्थता की व्यापक बात की।

वहीं पाकिस्तान ने अपनी यात्रा के दौरान कश्मीर को लगातार अपने कूटनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाए रखा। ऐसे में गुटेरेस की टिप्पणियों और असीम मुनीर समेत पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उनकी बैठकों ने भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दों को फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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