CJP Protest: CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सियासी पारा हाई, संजय सिंह ने केजरीवाल से की मुलाकात

CJP Protest: जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के समर्थन में उतरी AAP, संजय सिंह ने केंद्र पर लगाए लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के आरोप; पुलिस के मुताबिक करीब 500 लोग हिरासत में

CJP Protest:  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले इस विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी ने अपना समर्थन दिया है। इसी क्रम में AAP सांसद संजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की और राजधानी में लागू सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार महत्वपूर्ण है और किसी भी सरकार को लोगों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

संजय सिंह का आरोप- लोगों को दबाने की कोशिश हो रही

केजरीवाल से मुलाकात के बाद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए आरोप लगाया कि एक कथित वोट चोरी के मामले से जुड़े व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी सख्ती की जा रही है।

AAP सांसद ने कहा कि देश को तानाशाही या हिटलरशाही के आधार पर नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, तो उन्हें जंतर-मंतर पहुंचने से क्यों रोका जाना चाहिए।

संजय सिंह ने लोगों से CJP के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।

आतिशी ने मेट्रो और सुरक्षा बलों की तैनाती पर उठाए सवाल

AAP नेता आतिशी ने भी दिल्ली में किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं और करीब 45 हजार पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।

आतिशी ने हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिए जाने, बाजार बंद होने और इंटरनेट सेवाएं रोकने का दावा भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की सख्ती का उद्देश्य चुनाव आयोग से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को बचाना है।

ये आंकड़े और आरोप आतिशी की ओर से दिए गए बयान पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने बताई हिरासत की वजह

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अलग-अलग स्थानों से समूहों में दिल्ली आ रहे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 50 लोगों को भी संभावित रूप से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की आशंका के चलते पकड़ा गया।

पुलिस ने सुरक्षा प्रबंधन के लिए नई दिल्ली को 20 जोन में बांटा है। प्रत्येक जोन में हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा दिल्ली के स्टेडियमों में भी ऐसी व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध

CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित है। इसके पीछे चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवाल अहम हैं।

विपक्षी दलों के नेता मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार आपत्तियां जता रहे हैं। AAP ने भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन को समर्थन देकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की है।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

CJP के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने और लोगों को हिरासत में लेने की खबरों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। AAP नेताओं ने इसे विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने की बात कही है।

अब निगाह जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन और उसके दौरान प्रशासन की कार्रवाई पर है। इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होगा कि चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों का आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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