Delhi Pollution: दिवाली के त्योहार से ठीक दो दिन पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में AQI 450 के पार दर्ज किया गया। रोहिणी और IIT दिल्ली जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा। हालात ऐसे हैं कि लोगों को साफ हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 389 दर्ज किया गया। इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं, राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर इससे भी अधिक रहा। दिवाली से पहले हवा की बिगड़ती स्थिति ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
रोहिणी और IIT दिल्ली में AQI 474, पंजाबी बाग की हवा भी बेहद खराब
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया। CPCB के आंकड़ों के अनुसार, रोहिणी और IIT दिल्ली में AQI 474 तक पहुंच गया। वहीं, पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443, ITO में 422 और फिरोज शाह रोड में 420 AQI दर्ज किया गया।
इंडिया गेट के आसपास भी प्रदूषण का असर देखने को मिला, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 403 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI की स्थिति इस प्रकार रही:
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रोहिणी: 474
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IIT दिल्ली: 474
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पंजाबी बाग: 465
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आरके पुरम: 443
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ITO: 422
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फिरोज शाह रोड: 420
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इंडिया गेट: 403
आनंद विहार से चांदनी चौक तक प्रदूषण की मार
प्रदूषण का असर केवल कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं है। आनंद विहार और अक्षरधाम के आसपास भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब दर्ज की गई। CPCB के अनुसार, इन क्षेत्रों में AQI 359 रहा। वहीं, IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर AQI 385 दर्ज किया गया।
इसके अलावा आया नगर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 393 और चांदनी चौक में 391 तक पहुंच गया। यानी राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। दिवाली के नजदीक आने के साथ ही लोगों को आशंका है कि पटाखों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण स्थिति और बिगड़ सकती है।
दिल्ली में GRAP-II लागू, प्रदूषण पर नियंत्रण की कोशिश
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-II को लागू किया गया है। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं।
इंडिया गेट सहित राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की ओर से वॉटर स्प्रिंकलर से लैस वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़कों पर धूल को कम करने और हवा में मौजूद प्रदूषणकारी कणों के प्रभाव को घटाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद राजधानी की हवा में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। दिवाली से पहले प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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मौसम विभाग ने कोहरे और धुंध का जताया अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शुक्रवार सुबह दिल्ली का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने दिन में आसमान अधिकतर साफ रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, अगले चार दिनों के दौरान सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 10 और 11 नवंबर को सुबह के समय कोहरा या धुंध की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम की परिस्थितियां और प्रदूषण का मौजूदा स्तर राजधानी के लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
फिलहाल दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता बन गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।



