नई दिल्ली, एजेंसी । 2022 आते ही वस्तु एवं सेवा कर अधिकारी गलत जीएसटी रिटर्न भरने वाले व्यापारियों के खिलाफ वसूली के लिए सीधे कदम उठा सकेंगे। इस कदम से गलत बिल दिखाने की आदत पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यह शिकायत मिलती है कि अपने मासिक जीएसटीआर-1 फॉर्म में ज्यादा बिक्री दिखाने वाले कारोबारी कर देनदारी को कम करने के लिए भुगतान से संबंधित जीएसटीआर-3बी फॉर्म में इसे कम करके दिखाते हैं। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के वित्त विधेयक में इस बदलाव का प्रावधान रखा था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने गत 21 दिसंबर को जीएसटी अधिनियम में संशोधन को अधिसूचित कर दिया। इसके बाद एक जनवरी 2022 से यह लागू हो जाएगा। जीएसटी के तहत, दो प्रकार के रिटर्न होते हैं जो एक कंपनी को मासिक रूप से दाखिल करने होते हैं, अगर उसका कारोबार सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक है। ये GSTR-1 और GSTR-3B हैं। पहला रिटर्न है जो इसकी बिक्री के चालान को दिखाता है और बाद वाला सारांश जीएसटी देनदारियों की घोषणा के लिए है। GSTR-1 लेन-देन के अगले महीने की 11 तारीख तक दाखिल किया जाना होता है, GSTR-3B अगले महीने की 20 तारीख तक दाखिल किया जाना होता है।
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