नई दिल्ली । उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, आशुतोष गंगल ने उत्तर रेलवे के विभागाध्यक्षों के साथ, आज प्रधान कार्यालय, बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली में तथा मंडल रेल प्रबंधकों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उत्तर रेलवे की कार्य प्रगति की समीक्षा की । महाप्रबंधक ने कहा कि संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेल पथों का अनुरक्षण, चलस्टॉक, सिगनल और ओवरहैड बिजली की तारों से जुडे कार्य शीर्ष वरीयता पर निपटाए जा रहे हैं।गंगल ने बताया कि उत्तर रेलवे ने 16.06.2022 से 22.06.2022 की अवधि के दौरान 1095 रेलगाडिय़ां चलाई हैं। मंडल रेल प्रबंधकों के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने मडलों को मालभाड़ा संचलन में अधिकतम आउटपुट हासिल करने के लिए और अधिक क्रैक रेलगाडिय़ां चलाने के निर्देश दिए। क्रैक माल रेलगाडियों को मार्ग में बिना क्रू बदले प्रथम क्रैक मार्गो पर चलाया जाता है। उन्होंने लोकोमोटिवों की उपलब्धता और उनके समयबद्ध अनुरक्षण पर भी बल दिया।उन्होंने विभागों से रेल कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण एवं पुनश्चर्या पाठयक्रम आयोजित करने का परामर्श दिया ताकि उन्हें जागरूक बनाए रखा जा सके और रेल प्रणाली में मानवीय त्रुटियों को कम किया जा सके। महाप्रबंधक ने रेल पटरियों में आने वाली दरारों पर चिंता प्रकट की और सिगनलों, रेल दरारों और रेल वेल्डों की व्यापक रूप से निगरानी के निर्देश दिये। उन्होंने, जहां भी आवश्यक है, वहां पेड़ों की छँटाई के लिए वन विभाग से अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए ताकि उनसे रेल पटरियों अथवा ओएचई तारों को कोई क्षति न पहुँचे।उन्होंने रेलपथों पर विद्युत संरक्षा के साथ-साथ रेलगाडिय़ों के निर्बाध परिचालन के लिए रिले और पैनल रूमों की संरक्षा पर भी ध्यान केन्द्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेल परिचालन में मानवीय त्रुटियों को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागाध्यक्षों और मंडल रेल प्रबंधकों को समयपालनबद्धता को 95प्रतिशत बनाये रखने और माल लदान व संरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।मालभाड़ा बिजनेस डेवलपमेंट पर बात करते हुए महाप्रबंधक ने व्यापार यूनिटों के बढ़े हुए दायरों का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा कि बीडीयू को ग्राहकों के बीच भरोसे, सहयोग और आत्मविश्वास का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा दी जा रही रियायतें ग्राहकों तक पहुँचनी चाहिए। उन्होंने बताया कि खाद्यान्नों एवं अन्य मदों के लदान में प्रत्येक गुजरते माह के साथ वृद्धि हुई है। उत्तर रेलवे अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पवन हंस हेलिकॉप्टर की अरब सागर में आपात लैंडिंग, 4 लोगों की मौत, 5 को बचाया गया मुंबई ,29 जून (आरएनएस)। महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित अरब सागर में एक रिग के पास ओएनजीसी के पवन हंस हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जो देश की वाणिज्यिक राजधानी से लगभग 175 किलोमीटर दूर मुंबई हाई फील्ड्स से दूर है। हेलिकॉप्टर नौ लोगों को ले जा रहा था जिसमें सात यात्री, कथित तौर पर ओएनजीसी के कर्मचारी, और दो पायलट थे और उन्हें बचाने के लिए ओएनजीसी, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और अपतटीय आपूर्ति जहाजों का एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि दोपहर 2 बजे तक, सभी नौ लोगों को बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन चार, जो बचाव के बाद बेहोश हो गए थे उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। ओएनजीसी ने आज शाम एक ट्वीट में कहा, हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 9 लोगों को बचा लिया गया। दुर्भाग्य से, उनमें से चार बेहोश होकर मुंबई बेस पर लाए गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। ओएनजीसी ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया। मरने वालों के बारे में अधिक जानकारी, मृत्यु का कारण, उनकी पहचान आदि की प्रतीक्षा की जा रही है। बचाव अभियान में ओएनजीसी के अपतटीय आपूर्ति पोत मालवीय-16 और ऑयल रिग सागर किरण की एक नाव शामिल थी, जबकि भारतीय तटरक्षक बल ने अपने हेलीकॉप्टरों को डूबे हुए हेलिकॉप्टर के पास राफ्ट छोडऩे के लिए तैनात किया था और भारतीय नौसेना ने एक एएलएच और एक सी किंग हेलिकॉप्टर भेजा था। मुंबई और नई दिल्ली में ओएनजीसी के अधिकारियों के अनुसार, पानी पर आपातकालीन लैंडिंग का कारण मौसम से संबंधित या तकनीकी मुद्दों से संबंधित हो सकता है जो अभी तुरंत स्पष्ट नहीं है
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