Jharkhand JPSC JSSC Exam Cancelled: झारखंड में 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द, JPSC और TDPL की परीक्षाओं पर बड़ा फैसला

हेमंत सोरेन सरकार ने 2014 से अब तक की 44 परीक्षाएं रद्द कीं, JPSC-JSSC में परीक्षा सुधार के लिए समिति भी बनेगी

Jharkhand JPSC JSSC Exam Cancelled: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने 2014 से अब तक आयोजित की गई 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार 18 अगस्त की देर रात इन परीक्षाओं की सूची जारी की। बताया गया है कि इन परीक्षाओं में अनियमितताओं और गड़बड़ी से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

सरकार की ओर से इस संबंध में आठ अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC तथा आउटसोर्स एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। इस फैसले से कई विभागों में विभिन्न पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणाम प्रभावित होंगे।

रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, अतिरिक्त लोक अभियोजक और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण पदों की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी पॉलीटेक्निक में लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट समेत कई प्रशासनिक और तकनीकी पदों से जुड़ी परीक्षाओं को भी रद्द किया गया है।

सरकार का यह फैसला झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया है। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को देखते हुए सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा करने और व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को करीब चार घंटे तक चली आपातकालीन कैबिनेट बैठक में इस पूरे मामले पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि 2014 से TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और एजेंसी की ओर से जारी परिणामों को रद्द किया जाएगा। सरकार ने TDPL को ब्लैकलिस्ट करने का भी फैसला लिया है।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, JPSC और JSSC में परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सुधारों का व्यापक अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। समिति में संबंधित अधिकारियों के अलावा किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की बात कही गई है।

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यह समिति परीक्षा व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और आयोगों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी। उसे अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर राज्य सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में बदलाव और जरूरी सुधार लागू किए जा सकते हैं।

सरकार ने परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों में तेजी से कार्रवाई की बात भी कही है। JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी यानी सतर्कता प्रकोष्ठ बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

अब सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों को लेकर है जो इन परीक्षाओं के आधार पर नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे थे। 44 परीक्षाओं के रद्द होने के बाद संबंधित पदों पर भर्ती की अगली प्रक्रिया किस तरह होगी, नई परीक्षा कब आयोजित की जाएगी और पुराने अभ्यर्थियों को क्या राहत मिलेगी, इस पर सरकार और संबंधित आयोगों की ओर से आगे विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की उम्मीद है।

झारखंड सरकार के इस फैसले को एक तरफ जहां प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से अभ्यर्थियों के सामने नई परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता भी पैदा हो गई है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती पारदर्शी तरीके से नई भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और अभ्यर्थियों का भरोसा दोबारा कायम करने की होगी।

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