CM Yogi: शोहदों को योगी की चेतावनी- छेड़छाड़ की तो अंजाम पता होगा, बोले- पहले भर्ती में चलता था भाई-भतीजावाद

लखनऊ के लोकभवन में 912 पुलिस अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार की नीतियों का जिक्र किया।

CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ के लोकभवन में पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन अभ्यर्थियों का चयन पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) जैसे पदों के लिए हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार के कामकाज का उल्लेख किया। उन्होंने खास तौर पर 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय युवाओं में चयन प्रक्रिया को लेकर निराशा और अविश्वास था।

महिलाओं की सुरक्षा पर क्या बोले योगी?

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सुरक्षा को लेकर ऐसी परिस्थितियां थीं कि परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजने को मजबूर होते थे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है।

शोहदों को चेतावनी देते हुए योगी ने कहा कि अगर कोई राह चलती लड़की से छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है तो उसे उसके अंजाम का पता है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि ऐसी हरकत करने वाला व्यक्ति अपने “डेथ सेंटेंस पर खुद साइन” कर रहा है। यह मुख्यमंत्री का अपराधियों के खिलाफ कड़ा चेतावनी वाला बयान था।

भर्ती व्यवस्था को लेकर सपा पर निशाना

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कुछ मामलों में ऐसे लोगों को भी नियुक्ति मिलने की स्थिति बनी, जिन्होंने संबंधित भर्ती के लिए आवेदन तक नहीं किया था, जबकि पात्र अभ्यर्थी चयन से बाहर रह गए। उन्होंने कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक और चयन को लेकर भी सवाल उठते थे। इन आरोपों को मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रखा है।

ग्रुप C और D में इंटरव्यू खत्म करने का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए ग्रुप C और ग्रुप D की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म की। उनके मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना था।

उन्होंने यह भी कहा कि पद और सरकारी तंत्र पहले भी मौजूद थे, लेकिन सरकार ने काम करने के तरीके में बदलाव किया। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को नियुक्ति पाने वाले 912 अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की प्रक्रिया के तहत हुआ है।

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छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का दावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर भी सरकार का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

इससे पहले शनिवार को 818 अभ्यर्थियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगले छह महीनों में पुलिस, होमगार्ड और अन्य विभागों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जाएंगी।

इस तरह लोकभवन का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री ने इसी मंच से कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार के कामकाज को सामने रखा और 2017 से पहले की व्यवस्था पर अपने राजनीतिक आरोप दोहराए।

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