UP Scholarship: पढ़ाई के खर्च में मिलेगी मदद, 4.60 लाख से अधिक छात्राओं को 148 करोड़ की सौगात

UP Scholarship: लोकभवन में सीएम योगी ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि की हस्तांतरित, अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों को भी मिला आर्थिक लाभ

UP Scholarship: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9 से 10 और दशमोत्तर स्तर पर अध्ययनरत 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान 148 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई गई।

सरकार की ओर से दी गई यह आर्थिक सहायता विद्यार्थियों की फीस, किताबों और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकेगी। लाभार्थी छात्रों ने भी बताया कि छात्रवृत्ति मिलने से उनके परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा।

पढ़ाई के लिए किताबें और जरूरी सामान खरीदने की तैयारी

गोसाईंगंज के सत्यम ने बताया कि छात्रवृत्ति की राशि मिलने से घर के बजट पर पढ़ाई का दबाव कम होगा। वह इस पैसे से किताबें और दूसरी जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदेंगे।

सुरियामऊ के विवेक कनौजिया के मुताबिक छात्रवृत्ति से फीस और अध्ययन सामग्री का खर्च निकालने में मदद मिलेगी। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने भी बताया कि मिली राशि से वह नई किताबें खरीदकर अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाएंगे।

गोसाईंगंज के मयंक रावत ने कहा कि आर्थिक सहायता से शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करना आसान होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना उनके लिए खास अनुभव रहा।

करियर के लक्ष्य को पूरा करने में मदद की उम्मीद

छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों में कई ऐसे भी हैं जो पढ़ाई पूरी करने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। इटौंजा की साक्षी ने कहा कि आर्थिक सहायता से उन्हें आगे पढ़ाई जारी रखने का हौसला मिला है।

डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे सत्येंद्र रावत ने बताया कि छात्रवृत्ति से परिवार के लिए शिक्षा का खर्च संभालना आसान होगा। उनका कहना है कि इससे वह अपने लक्ष्य की तैयारी पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।

वहीं पुलिस विभाग में जाने का लक्ष्य रखने वाले एक छात्र ने कहा कि छात्रवृत्ति परिवार के आर्थिक दबाव को कम करने के साथ आगे की तैयारी के लिए प्रोत्साहन देगी।

आर्थिक दबाव कम होने से पढ़ाई पर रहेगा फोकस

इटौंजा की आकांक्षा गौतम के अनुसार छात्रवृत्ति की रकम से किताबें और दूसरी पढ़ाई की सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर शिक्षा के खर्च का दबाव कम होगा।

अर्चना ने भी आर्थिक सहयोग को अपनी पढ़ाई के लिए उपयोगी बताया। लाभार्थी विद्यार्थियों ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए छात्रवृत्ति जैसी सहायता महत्वपूर्ण है।

मजदूरी करने वाले पिता के बेटे को मिला सम्मान का अनुभव

कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति की राशि उनके परिवार के लिए शिक्षा का खर्च उठाने में मददगार होगी।

रणवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों स्वीकृति पत्र प्राप्त करना उनके लिए गर्व का क्षण रहा। उन्होंने इसे अपने छात्र जीवन का यादगार अनुभव बताया।

हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार की सहायता से पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य पर आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला है।

OBC विद्यार्थियों को 60 करोड़ से ज्यादा

छात्रवृत्ति वितरण के आंकड़ों के मुताबिक अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए।

वहीं अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये की राशि मिली। सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए।

आर्थिक सहायता से शिक्षा जारी रखने में सहूलियत

छात्रवृत्ति की राशि मिलने से विद्यार्थियों को फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। लाभार्थियों के मुताबिक आर्थिक सहायता से परिवार पर पढ़ाई का बोझ कम होगा और वे अपनी शिक्षा तथा करियर के लक्ष्यों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।

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