International News: आप पूरी दुनिया के हीरो… नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से की वीडियो कॉल पर बात, PM मोदी के साथ मशाल जलाने का दिया न्योता

फ्लाईदुबई विमान घटना में बहादुरी दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार से इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो कॉल पर बात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की।

International News: फ्लाईदुबई विमान में 30 सितंबर को हुई भयावह घटना के दौरान अपनी सूझबूझ और बहादुरी से यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की है। नेतन्याहू ने शनिवार को उनसे वीडियो कॉल पर करीब छह मिनट तक बातचीत की और उन्हें इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया।

वीडियो कॉल के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से उस घटना के बारे में भी जानकारी ली, जिसमें कथित तौर पर उनके को-पायलट ने कॉकपिट में उन पर हमला कर दिया था। नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान कहा कि स्मित ने जिस तरह बेहद मुश्किल परिस्थिति में विमान को संभाला, वह असाधारण साहस का उदाहरण है।

नेतन्याहू ने इजरायल आने का दिया न्योता

बातचीत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को इजरायल आने का न्योता भी दिया। नेतन्याहू ने कहा कि वह कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले इजरायली स्वतंत्रता दिवस के समारोह में आमंत्रित करना चाहते हैं। उन्होंने दोनों के साथ समारोह में जश्न की मशाल जलाने की इच्छा जताई।

नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से कहा कि वह सिर्फ इजरायल के नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के हीरो हैं। इस दौरान उन्होंने विमान में हुई पूरी घटना के बारे में सीधे कैप्टन से जानने की कोशिश की।

कैप्टन स्मित ने बताया उस रात कॉकपिट में क्या हुआ

वीडियो कॉल के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से पूछा कि आखिर उस फ्लाइट में हुआ क्या था। कैप्टन स्मित ने बताया कि उड़ान की शुरुआत सामान्य थी। उनके साथ को-पायलट हमाम अल हमामी मौजूद था। कुछ समय बाद को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई।

कैप्टन स्मित के मुताबिक उन्होंने उसके धार्मिक विश्वास का सम्मान किया और उसे प्रार्थना करने का मौका दिया। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद हालात अचानक बदल गए। कथित तौर पर को-पायलट ने पीछे से उन पर हमला कर दिया।

कैप्टन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में टर्बुलेंस हुआ है या कोई दूसरी समस्या आई है। लेकिन जब हमले लगातार होने लगे, तब उन्हें समझ आया कि उन पर हमला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद उनका अपना को-पायलट कर रहा है।

हमले के बावजूद विमान को संभालते रहे कैप्टन

सबसे चुनौतीपूर्ण स्थिति यह थी कि एक तरफ कैप्टन स्मित खुद हमले का सामना कर रहे थे और दूसरी तरफ विमान में सवार यात्रियों की जिंदगी उनके हाथ में थी। ऐसे हालात में उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश जारी रखी।

विमान में हुई इस घटना के बाद कैप्टन स्मित की सूझबूझ और साहस की जमकर तारीफ हुई। मुश्किल हालात में उन्होंने विमान को संभाला और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की। इसी वजह से उन्हें अब दुनिया भर से सम्मान और सराहना मिल रही है।

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नेतन्याहू ने की बहादुरी की तारीफ

करीब छह मिनट चली वीडियो कॉल के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित का हालचाल भी जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने जिस तरह कैप्टन की बात सुनी, उससे साफ था कि वह इस घटना को लेकर काफी गंभीर थे।

घटना की जानकारी लेने के बाद नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में कैप्टन ने विमान को संभाला, वह असाधारण साहस का उदाहरण है।

फ्लाईदुबई विमान की इस घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि कैप्टन स्मित की बहादुरी ने इस पूरी घटना को एक अलग पहचान दी है। अब इजरायल के प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मान देना और स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ आमंत्रित करना इस घटना को और खास बना देता है।

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