Political Protest: दिल्ली में शनिवार को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) के कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। साउथ एवेन्यू इलाके में प्रदर्शन कर रहे TMC नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कार्रवाई की। कुछ समय बाद AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
TV9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, TMC प्रमुख ममता बनर्जी के अलावा पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल और समीरुल इस्लाम को हिरासत में लिया गया। पुलिस सभी को प्रिजन वैन से थाने ले गई।
केजरीवाल के साथ AAP नेताओं को भी पकड़ा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई आम आदमी पार्टी के नेताओं तक भी पहुंची। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
कार्रवाई के बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “मोदी जी की तानाशाही से हम डरने वाले नहीं हैं।”
हिरासत के बाद TMC ने सरकार को घेरा
अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पार्टी का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
TMC ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान संवाद स्थापित करने के बजाय नेताओं को हिरासत में लिया गया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध दर्ज कराने की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।
TMC बोली- सत्ता जवाबदेही से ऊपर नहीं
पार्टी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला बोला। TMC ने कहा कि किसी भी सरकार को जवाबदेही से परे नहीं माना जा सकता और सत्ता स्थायी नहीं होती।
पार्टी ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। हालांकि, ये आरोप और टिप्पणियां TMC की ओर से की गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई के कारणों पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार
ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस घटनाक्रम ने विपक्षी दलों और पुलिस के बीच टकराव को फिर चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लेने के विस्तृत कारणों या आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है। ऐसे में पुलिस का पक्ष और हिरासत में लिए गए नेताओं की आगे की स्थिति इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
प्रदर्शन से बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी
TMC ने जहां कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए हैं, वहीं केजरीवाल की प्रतिक्रिया भी केंद्र सरकार पर राजनीतिक निशाने के रूप में सामने आई है।
अब इस घटनाक्रम पर अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं और दिल्ली पुलिस के आधिकारिक रुख पर नजर रहेगी। हिरासत में लिए गए नेताओं को कब छोड़ा जाता है और मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी अहम रहेगा।



