CJP Leaders Court Case: तिहाड़ से छूटे CJP नेताओं की बढ़ीं मुश्किलें, आज SEM कोर्ट में पेशी

CJP Leaders Court Case: जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका से क्राइम ब्रांच भी करेगी पूछताछ

CJP Leaders Court Case:  दिल्ली के चर्चित जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के लिए कानूनी दिक्कतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को आज यानी शुक्रवार को दिल्ली की विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत में पेश होना है। अदालत ने अपने पिछले आदेश में दोपहर तीन बजे की पेशी का समय तय किया था। इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी जंतर-मंतर पर हुए हंगामे से जुड़ी दो अलग-अलग प्राथमिकियों (FIRs) में तीनों नेताओं से कड़ाई से पूछताछ करने के लिए अपना शिकंजा कस दिया है।

क्राइम ब्रांच के सामने आज पेशी का निर्देश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को भी CJP नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को कोई नया समन या नोटिस जारी नहीं किया है, लेकिन नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में हाजिर होकर जांच में सहयोग करें। मामलों की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दोनों प्राथमिकियों की जांच स्थानीय थानों से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

जंतर-मंतर पर गैर-कानूनी प्रवेश और पुलिस से उलझने का आरोप

यह पूरा विवाद 13 अक्टूबर का है, जब जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल को सरकार द्वारा अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बावजूद CJP के करीब 14 सदस्य वहां पहुंचे थे। आरोप है कि CJP कार्यकर्ता और नेता निजी परिसर के रास्तों का इस्तेमाल कर जबरन बंद किए गए प्रदर्शन क्षेत्र में दाखिल हुए। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल के काम में न केवल बाधा डाली गई, बल्कि सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना भी की गई। इसके बाद मौके से ही सौरव दास और आशुतोष रांका को बैरिकेड पर चढ़ने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

BNS की कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज

इस पूरे प्रकरण में दिल्ली के दो प्रमुख थानों—कनॉट प्लेस और संसद मार्ग—में BNS (भारतीय न्याय संहिता) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कनॉट प्लेस थाने में दर्ज FIR में लोक सेवक के विधिवत जारी आदेश की अवहेलना, गृह-अतिचार और आपराधिक साजिश की धाराएं शामिल हैं। वहीं संसद मार्ग थाने की FIR में सरकारी काम में स्वेच्छा से बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने, ड्यूटी के दौरान चोट पहुंचाने और साझा मंशा से गैर-कानूनी कृत्य करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शांति बांड और तिहाड़ जेल का घटनाक्रम

गौरतलब है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को पहले से हस्ताक्षरित शांति बांड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में 14 अक्टूबर को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया था, जिसे बाद में दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की अर्जी दी थी, लेकिन 21 अक्टूबर को सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ऋतु राज की अदालत ने जमानत की शर्तों को स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई का आदेश जारी किया था। रिहाई के महज 48 घंटे के भीतर ही कोर्ट में दोबारा पेशी और क्राइम ब्रांच की सख्ती ने CJP नेताओं की कानूनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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