LLB Admission 2026: LLB में दाखिले के लिए अब उम्र की पाबंदी नहीं, BCI के फैसले से लॉ की पढ़ाई का रास्ता हुआ आसान

LLB Admission 2026: तीन और पांच साल के लॉ कोर्स में अधिकतम आयु सीमा समाप्त, सुप्रीम कोर्ट में बार काउंसिल ने दी जानकारी; लंबे समय से लंबित याचिका का भी निपटारा

LLB Admission 2026: कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तीन वर्षीय LLB और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र की शर्त खत्म कर दी है। अब उम्मीदवार उम्र की बाध्यता के बिना अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कानून की पढ़ाई कर सकेंगे।

बार काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि उसकी जनरल काउंसिल ने अधिकतम आयु सीमा से संबंधित प्रावधान वापस लेने का फैसला किया है। इस निर्णय से उन लोगों को खास फायदा मिलेगा, जो पहले उम्र की निर्धारित सीमा पार करने के कारण लॉ कॉलेज में दाखिला नहीं ले पा रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट में BCI ने बताया अपना फैसला

इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। इसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।

सुनवाई के दौरान BCI की ओर से पेश वकील राधिका गौतम और अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि जनरल काउंसिल ने प्रस्ताव पारित करके आयु सीमा हटाने का निर्णय लिया है।

बार काउंसिल का कहना था कि लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए अधिकतम उम्र तय करने का कोई पर्याप्त शैक्षणिक आधार नहीं है। कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उपस्थिति, पढ़ाई के घंटे, परीक्षाएं और प्रशिक्षण जैसे नियम पहले से मौजूद हैं। ऐसे में केवल उम्र के आधार पर किसी योग्य अभ्यर्थी को दाखिले से रोकना उचित नहीं है।

पहले 20, 22 और 45 साल तक थी उम्र की सीमा

BCI के लीगल एजुकेशन रूल्स 2008 के तहत तीन और पांच वर्षीय लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए अलग-अलग आयु सीमा निर्धारित की गई थी।

पुराने नियमों के अनुसार:

  • पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 20 वर्ष थी।
  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 22 वर्ष निर्धारित थी।
  • तीन वर्षीय LLB कोर्स में दाखिले की अधिकतम आयु 45 वर्ष रखी गई थी।

इन शर्तों के कारण कई उम्मीदवार अपनी रुचि और योग्यता होने के बावजूद कानून की पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। अब BCI के फैसले से यह बाधा समाप्त हो गई है।

2016 में दोबारा लागू हुई थी आयु सीमा

LLB में प्रवेश के लिए उम्र की शर्त को लेकर विवाद कई वर्षों से चल रहा था। सितंबर 2016 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर पहले हटाई गई आयु सीमाओं को फिर से लागू कर दिया था।

इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। मार्च 2017 में शीर्ष अदालत ने इन आयु सीमाओं पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मुंबई और पंजाब एवं हरियाणा समेत विभिन्न हाई कोर्ट में भी इस प्रावधान को चुनौती दी गई।

अलग-अलग अदालतों के फैसलों के कारण इस मुद्दे पर स्थिति एक जैसी नहीं रही। इसी कानूनी असमंजस को दूर करने के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था।

ऋषभ दुग्गल की याचिका का भी हुआ निपटारा

आयु सीमा को चुनौती देने वाली याचिका ऋषभ दुग्गल और अन्य की ओर से दाखिल की गई थी। यह मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।

सुनवाई के दौरान BCI ने जब अधिकतम उम्र की शर्त वापस लेने की जानकारी दी, तो अदालत ने काउंसिल के इस फैसले को रिकॉर्ड पर लिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया।

इस घटनाक्रम के साथ लॉ कोर्स में दाखिले की अधिकतम उम्र को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है।

ग्रेजुएशन के बाद भी किसी उम्र में कर सकेंगे LLB

BCI के इस निर्णय का लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने या नौकरी करने के बाद कानून के क्षेत्र में आना चाहते हैं। अब उम्र को लेकर चिंता किए बिना उम्मीदवार तीन वर्षीय LLB कोर्स में प्रवेश की तैयारी कर सकते हैं।

वहीं, 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स चुनने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी अधिकतम आयु सीमा की बाध्यता नहीं रहेगी। हालांकि, दोनों कोर्स में प्रवेश के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और संबंधित संस्थान की अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।

एडमिशन के लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान?

आयु सीमा समाप्त होने के बाद भी LLB में प्रवेश के लिए सभी नियम खत्म नहीं हुए हैं। उम्मीदवारों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा:

  1. तीन वर्षीय LLB: इस कोर्स में प्रवेश के लिए ग्रेजुएशन की शैक्षणिक योग्यता जरूरी होगी।
  2. पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स: इसमें दाखिले के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है।
  3. कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया: विश्वविद्यालय या लॉ कॉलेज की ओर से निर्धारित प्रवेश परीक्षा और अन्य शर्तें लागू रह सकती हैं।
  4. दस्तावेज: आवेदन के समय शैक्षणिक प्रमाणपत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
  5. आधिकारिक नोटिस: आवेदन से पहले संबंधित संस्थान की प्रवेश अधिसूचना जरूर देखनी चाहिए।

कानून की पढ़ाई के इच्छुक लोगों के लिए खुला नया अवसर

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के इस फैसले से कानून की पढ़ाई को लेकर उम्र की बाध्यता समाप्त हो गई है। अब किसी योग्य उम्मीदवार को केवल अधिक उम्र होने के कारण LLB में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।

यह फैसला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो करियर बदलकर वकालत में आना चाहते हैं या पढ़ाई में लंबे अंतराल के बाद दोबारा शिक्षा शुरू करना चाहते हैं। हालांकि, LLB की डिग्री हासिल करने के बाद वकालत करने के लिए बार काउंसिल के अन्य निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

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