गाजियाबाद। एक बड़ी ही अजीबोगरीब घटना सामने आ रही है जिसमें पति ने अपनी ही पत्नी के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। पति ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया है कि, उसकी पत्नी खाने में पीरियड का ब्लड मिलाती है। पिछले साल 12 जून को पति ने अपनी पत्नी और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि, उसके खाने में मासिक खून यानि की पीरियड का ब्लड मिलाकर दिया जाता है जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई है और उसे इंफेक्शन हो गया था। अपने दावों को सही साबित करने के लिए पति ने पुलिस को अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी जमा की है। शिकायत के बाद, कवि नगर पुलिस स्टेशन में शख्स की पत्नी और उसके माता-पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 328 यानि कि जहर देने के इरादे से मुक़दमा दर्ज की गईपति ने दावा किया कि, खाना खाने के बाद से वह काफी बीमार रहने लगा जिसके बाद उसने अपना मेडिकल टेस्ट कराया। मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट में पता चला कि उन्हें किसी इंफेक्शन हो गया है जिससे उनके शरीर में सूजन पैद हो गई है। अंग्रेजी अखबार TOI में छपी एक खबर के मुताबिक, दोनों की शादी साल 2015 में हुई है और एक बेटा भी है। पकि ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि, उसकी पत्नी बार-बार अपना सास-ससुर से अलग रहने की बात करती थी लेकिन उसका पति नहीं मान रहा था। इस बीच दोनों में काफी लड़ाई भी होने लगी। रोजाना के झगड़े से तंग आकर लड़के के माता-पिता ने घर छोड़ दिया और रिश्तेदारों के घर रहने चले गए। इसी बीच पत्नी के भाई और माता-पिता ने महिला को अपने पति को जहर और अन्य जादू-टोना का इस्तेमाल करने के लिए उकसाया। लड़के के माता-पिता के घर छोड़ने के बाद पत्नि अपने पति के भोजन में लगातार पीरियड ब्लड मिलाकर खिलाती।पुलिस ने पति से पूछा कि उन्हें कैसे पता कि उनकी पत्नि उनेक खाने में पीरियड बल्ड मिलाती है। इसके जवाब में पति ने बताया कि, उसने एक दिन अपने पत्नि और उसकी मां के बीच की बातचीत की रिकॉर्डिंग सुन ली थी। बता दें कि पुलिस इसकी जांच एक साल से कर रहा है और अब पुलिस ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिख मामले में एक मेडिकल बोर्ड बनाने का अनुरोध किया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, मेडिकल पैनल शख्स द्वारा जमा कराई गई मेडिकल रिपोर्ट की जांच करेगा। पति के आरोप कितने सही हैं या नहीं अब इसका खुलासा मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। इस बोर्ड में सामान्य चिकित्सक, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक रोग विशेषज्ञ और एक हड्डी रोग सर्जन शामिल है।
Related Articles

September 16, 2026
1
UP Government Schools: UP के सरकारी स्कूलों पर छिड़ी नई बहस, CJP ने स्मार्ट स्कूल योजना पर उठाए सवाल

September 15, 2026
4

