Jio 10 Years: रिलायंस जियो ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के टेलीकॉम सेक्टर में अपनी मौजूदगी के एक दशक में बड़ा मुकाम हासिल किया है। कंपनी ने सितंबर 2016 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था और अब 5 सितंबर 2026 को अपने संचालन के 10 साल पूरे करने जा रही है। इस दौरान जियो ने न केवल करोड़ों मोबाइल यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ा, बल्कि किफायती डेटा और डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए टेलीकॉम बाजार में भी बड़ा बदलाव किया।
जियो के मुताबिक, अगस्त 2016 में दोनों सर्विस एरिया में उसका मोबाइल सब्सक्राइबर बेस शून्य था। सितंबर 2016 में कंपनी ने कुल 17.4 लाख मोबाइल यूजर्स के साथ शुरुआत की। जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 7.10 करोड़ हो गई। यानी करीब एक दशक में जियो ने 6.92 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े।
यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट में जियो की मजबूत पकड़
जून 2026 तक रिलायंस जियो उत्तर प्रदेश ईस्ट और उत्तर प्रदेश वेस्ट, दोनों सर्विस एरिया में सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर के रूप में सामने आया है। यूपी वेस्ट सर्विस एरिया में उत्तराखंड भी शामिल है।
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, दोनों सर्विस एरिया में कुल 17.85 करोड़ वायरलेस मोबाइल कनेक्शन हैं। इनमें जियो की हिस्सेदारी करीब 39.8 प्रतिशत है। यूपी ईस्ट में जियो के लगभग 4.48 करोड़ और यूपी वेस्ट में उत्तराखंड समेत करीब 2.62 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं।
इस तरह दोनों क्षेत्रों को मिलाकर जियो के पास करीब 7.10 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर हैं। कंपनी का दावा है कि अपने पहले दशक में नेट मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़ने के मामले में वह क्षेत्र का सबसे तेजी से बढ़ने वाला टेलीकॉम ऑपरेटर रहा है।
होम ब्रॉडबैंड में भी बड़ा विस्तार
मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ जियो ने होम ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार किया है। कंपनी के अनुसार, यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट में 38 लाख से ज्यादा घरों और व्यावसायिक परिसरों को जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर से जोड़ा जा चुका है।
जून 2026 तक यूपी ईस्ट में करीब 19 लाख और यूपी वेस्ट में 19 लाख से अधिक घरों एवं व्यावसायिक परिसरों तक ये सेवाएं पहुंच चुकी थीं। कंपनी के मुताबिक, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और डिजिटल एंटरटेनमेंट सेवाओं के कारण जियो इस क्षेत्र के होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में अग्रणी स्थिति में है।
दूरदराज के इलाकों तक पहुंचा जियो नेटवर्क
जियो ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अपेक्षाकृत पिछड़े इलाकों में भी अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। कंपनी के मुताबिक, बांदा, श्रावस्ती, चित्रकूट, सोनभद्र और ओबरा जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर टावर लगाए गए हैं।
इन इलाकों में नेटवर्क विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण आबादी को बेहतर मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना रहा है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और अन्य इंटरनेट आधारित सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिली है।
देशभर में 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
जून 2026 तक रिलायंस जियो के देशभर में करीब 53.33 करोड़ ग्राहक हैं। इनमें लगभग 28.5 करोड़ 5G ग्राहक शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत में मोबाइल डेटा के इस्तेमाल और कीमतों में भी बड़ा बदलाव आया है।
जियो के कमर्शियल लॉन्च से पहले मोबाइल डेटा की कीमत काफी अधिक थी और कॉलिंग भी कई ग्राहकों के लिए महंगी पड़ती थी। जियो ने कम कीमत वाले डेटा प्लान और शुरुआती दौर में फ्री वॉयस कॉलिंग के जरिए बाजार में नई प्रतिस्पर्धा पैदा की। इसके बाद भारत में मोबाइल इंटरनेट की पहुंच और डेटा खपत दोनों तेजी से बढ़े।
10 साल में करीब 97 फीसदी सस्ता हुआ डेटा
कंपनी के मुताबिक, 2016 में भारत में प्रति सब्सक्राइबर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 जीबी से कम थी। उस समय एक जीबी डेटा की कीमत करीब 228 रुपये बताई गई थी। इसके अलावा 4G नेटवर्क की पहुंच भी सीमित थी और औसत डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps के आसपास थी।
एक दशक बाद तस्वीर काफी बदल चुकी है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, आज एक जीबी डेटा की कीमत लगभग 7.9 रुपये रह गई है, जो 2016 के मुकाबले करीब 97 फीसदी कम है। देश में एक्टिव 4G और 5G सब्सक्राइबर्स की संख्या करीब 93.8 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
जियो नेटवर्क पर एक औसत ग्राहक अब हर महीने करीब 43.7 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों की इंटरनेट इस्तेमाल करने की आदत में कितना बड़ा बदलाव आया है।
5G और स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर जोर
जियो का कहना है कि पारंपरिक टेलीकॉम नेटवर्क काफी हद तक इम्पोर्टेड हार्डवेयर और प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर पर निर्भर थे। इससे नेटवर्क ऑपरेटरों को तकनीक और अपग्रेड के लिए विदेशी वेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता था।
इसके विपरीत, जियो एंड-टू-एंड क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क विकसित करने पर जोर दे रहा है। कंपनी के अनुसार, इस नेटवर्क को भारत की जरूरतों और अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
जियो के लिए यूपी और उत्तराखंड क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल है और यहां शहरी के साथ-साथ बड़ी ग्रामीण आबादी भी रहती है। वहीं, उत्तराखंड का पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण भूगोल नेटवर्क विस्तार के लिहाज से अलग तरह की चुनौती पेश करता है।
ऐसे में इन दोनों क्षेत्रों में करोड़ों मोबाइल ग्राहकों और लाखों घरों तक पहुंच बनाना जियो के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में भी वह मोबाइल नेटवर्क, 5G और होम ब्रॉडबैंड के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने पर ध्यान देगी।



