Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रशासन के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद सरकारी जमीन पर बनी अवैध संरचना को हटाया गया। वहीं विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
सहारनपुर जाएगा सपा का प्रतिनिधिमंडल
समाजवादी पार्टी का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगा। पार्टी के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल मौके का जायजा लेने के साथ कमिश्नर से मुलाकात करेगा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाकर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा।
सपा नेता श्याम लाल पाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से गंभीर मामला बताया है।
AIMIM और कांग्रेस भी मुखर
मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। ओवैसी ने कार्रवाई के समय और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाया है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कार्रवाई की आलोचना की है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि मस्जिद को सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण पाए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया।
अब सियासी टकराव बढ़ने के आसार
सहारनपुर में विपक्षी दलों की सक्रियता के बीच यह मामला अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर यूपी की राजनीति का मुद्दा बनता दिख रहा है। इसी बीच ध्वस्तीकरण स्थल पर मलबे के नीचे एक पुराना कुआं मिलने के बाद मामले में एक नया पहलू भी जुड़ गया है, जिसकी जांच की बात सामने आई है।



