UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक लक्ष्य के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं, आरक्षण और महंगाई जैसे मुद्दों पर भी बीजेपी सरकार को घेरा।
हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने 2027 के चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार अतिरिक्त वोट जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने इसे सपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि संगठन को इस लक्ष्य के साथ काम करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी उन परिवारों तक पहुंचने की कोशिश करेगी, जिन्हें उनके मुताबिक अन्याय या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। इससे साफ है कि सपा चुनाव से पहले अपने संगठन और बूथ स्तर की गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये का ऐलान
महिलाओं को लेकर अखिलेश यादव पहले ही ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ का ऐलान कर चुके हैं। इसके तहत सपा ने सरकार बनने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा किया है। पार्टी ने इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल करने की बात कही है।
अखिलेश यादव समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने की बात भी कह चुके हैं। महिलाओं से जुड़े इन प्रस्तावों को सपा की चुनावी रणनीति में एक प्रमुख मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन योजनाओं के अंतिम स्वरूप और पात्रता जैसी विस्तृत शर्तें चुनावी घोषणापत्र और सरकार बनने की स्थिति में सामने आएंगी।
महिलाओं को लोन देने की बात भी चर्चा में
अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए दो लाख रुपये तक के लोन की बात भी कही है। उन्होंने बीजेपी सरकार की प्रस्तावित महिला सहायता योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता या कर्ज की व्यवस्था की जा सकती है तो सपा भी सत्ता में आने पर ऐसी व्यवस्था करेगी।
यहां 40 हजार रुपये की सालाना सहायता और 2 लाख रुपये के लोन की बात अलग-अलग प्रस्तावों के रूप में समझना जरूरी है। 40 हजार रुपये वाली योजना का ऐलान पहले किया जा चुका है, जबकि लोन से जुड़ी बात उनके हालिया बयान के संदर्भ में सामने आई है।
फर्जी मुकदमों और आरक्षण पर बीजेपी को घेरा
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर राजनीतिक विरोधियों और आम लोगों के खिलाफ कथित फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनती है तो उनकी पार्टी ऐसे मामलों की समीक्षा करेगी।
उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी और आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। अखिलेश ने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिले और आरक्षण के प्रावधानों के साथ भी गड़बड़ी हुई। उन्होंने आरक्षण की ऑडिट का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
आंबेडकर प्रतिमाओं को लेकर भी लगाए आरोप
सपा प्रमुख ने प्रदेश में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के अलग-अलग जिलों में 151 से अधिक प्रतिमाओं को तोड़ा या क्षतिग्रस्त किया गया है और कई मामले दर्ज भी नहीं हुए।
उन्होंने इन घटनाओं को संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे से जोड़ते हुए बीजेपी सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाए। इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
2027 के चुनाव से पहले अखिलेश यादव के ताजा बयानों से सपा की रणनीति के दो प्रमुख हिस्से सामने आते हैं—संगठन के स्तर पर हर विधानसभा में वोट बढ़ाने का लक्ष्य और महिलाओं समेत अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए आर्थिक-सामाजिक योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाना। दूसरी ओर, बीजेपी की ओर से इन दावों और आरोपों पर जवाब आना बाकी है।



