CM Yogi: उत्तर प्रदेश के भदोही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रविवार को एक अलग और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया। उन्होंने बच्चों को अपनी गोद में लेकर उन्हें पहली बार अन्न खिलाया और उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारने के साथ उन्हें खिलौने भी भेंट किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष आयोजन किया। उन्होंने तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी कराई और उन्हें पोषित आहार के साथ उपहार भी दिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं और पोषण के महत्व पर भी जोर दिया।
बच्चों को गोद में लेकर कराया अन्नप्राशन
अन्नप्राशन संस्कार के दौरान सीएम योगी ने बच्चों को अपनी गोद में लिया और पारंपरिक तरीके से खीर खिलाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से पहला निवाला खिलाया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच भी उत्साह का माहौल रहा।
अन्नप्राशन हिंदू परंपरा में बच्चे के जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इसमें बच्चे को पहली बार अन्न ग्रहण कराया जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन कराए जाने के दौरान उन्होंने उनके बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई भी कराई। उन्होंने तीन महिलाओं को पोषक आहार और अन्य उपहार प्रदान किए। इस आयोजन के जरिए मातृ और शिशु स्वास्थ्य के साथ पोषण को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
भदोही में विकास कार्यों को लेकर सरकार का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े स्थलों के विकास तथा उनके संरक्षण पर सरकार की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तीर्थ स्थलों के विकास के लिए मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल अलग तरीके से होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकारी धन का इस्तेमाल कब्रिस्तान की सीमा दीवार के नाम पर जमीनों पर कब्जे के लिए किया जाता था। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विरासत के संरक्षण के साथ तीर्थ स्थलों का विकास किया और लोगों की आस्था का सम्मान करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
‘अब यूपी पर दंगाग्रस्त होने का कलंक नहीं’
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक प्रदेश को माफिया और कर्फ्यू से मुक्त बनाने के साथ उपद्रव की घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान उत्सव और विकास वाले प्रदेश के रूप में हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की गिनती देश के शीर्ष राज्यों में होती है। उन्होंने दावा किया कि अब यूपी पर दंगाग्रस्त होने का कलंक नहीं लगाया जा सकता और प्रदेश की पहचान के सामने किसी तरह का संकट नहीं है।
भदोही के कालीन उद्योग की भी चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही के कालीन उद्योग को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात में पिछले एक दशक के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके मुताबिक प्रदेश का निर्यात करीब 2.27 गुना बढ़कर अब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भदोही के कालीन उद्योग का प्रदेश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान है। यहां के कारीगरों ने अपने हुनर के दम पर हाथ से तैयार कालीनों को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के बाजार तक पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक 2017 से पहले भदोही के कारीगर बुनियादी सुविधाओं और बेहतर अवसरों की कमी से जूझते थे, लेकिन अब सरकार की नीतियों के जरिए उनके हुनर को विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इंडिया कारपेट एक्सपो का करेंगे शुभारंभ
सीएम योगी ने बताया कि वह एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वह कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, कारोबारियों और उद्यमियों के साथ बातचीत भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के कारीगरों के हुनर को सम्मान देने, कारोबार को विस्तार देने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भदोही आज विरासत और विकास के संगम की नई पहचान बन रहा है और यहां के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।



