ECI Controversy: चुनाव आयोग को लेकर देश की राजनीति में जारी टकराव अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोच्च होता है, लेकिन कांग्रेस जब चुनावी नतीजे अपने पक्ष में नहीं पाती तो चुनाव आयोग और पूरी चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने लगती है।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक शैली रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव कराने वाली संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का रास्ता चुनती है।
कांग्रेस की चुनाव आयोग पर आपत्ति को लेकर शिवराज का सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की मौजूदा रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही चुनाव व्यवस्था में कांग्रेस को अलग-अलग राज्यों में जीत भी मिली है। ऐसे में केवल उन चुनावों के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाना, जिनमें पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, अपने आप में विरोधाभास है।
उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का उल्लेख करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि अगर चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया ही अविश्वसनीय है, तो इन राज्यों में कांग्रेस को जीत कैसे मिली। शिवराज का तर्क था कि चुनावी नतीजे अनुकूल होने पर व्यवस्था को स्वीकार करना और प्रतिकूल परिणाम आने पर उसी व्यवस्था को दोषी ठहराना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही संदेश नहीं देता।
बैलेट पेपर की मांग पर भी बीजेपी का पलटवार
चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों और बैलेट पेपर की मांग पर भी शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत ने चुनावी प्रक्रिया को लंबे समय में तकनीक और बेहतर व्यवस्थाओं के जरिए अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किया है।
शिवराज ने पुराने चुनावी दौर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बूथ कब्जे और बैलेट पेपर के दुरुपयोग जैसी समस्याएं सामने आती थीं। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति में देश को पीछे ले जाने के बजाय चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब तकनीक चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद कर सकती है, तो फिर उसका विरोध क्यों किया जा रहा है। बीजेपी लगातार ईवीएम को लेकर विपक्ष की शंकाओं को राजनीतिक मुद्दा बताती रही है।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी कांग्रेस को घेरा
शिवराज सिंह चौहान ने केवल ईवीएम और चुनाव परिणामों तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस के पुराने शासनकाल का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था संसद से पारित कानून के आधार पर चल रही है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर अलग व्यवस्था थी।
शिवराज का आरोप था कि कांग्रेस आज जिन संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, उसके पीछे राजनीतिक परिस्थितियों को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
इमरजेंसी का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने अपने हमले में देश में लगाए गए आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था की मजबूती पर बात करने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत को भी देखना चाहिए।
शिवराज के मुताबिक देश ने इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंधों का दौर देखा है। उन्होंने इसी संदर्भ में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी अब भी ऐसी राजनीति कर रही है, जिसमें चुनावी हार के बाद व्यवस्था और संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाते हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए बढ़ेगी राजनीतिक चुनौती?
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ता विवाद अब केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह मुद्दा सीधे तौर पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक तरफ कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े कई मुद्दों पर जवाब मांग रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि विपक्ष को जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान का ताजा बयान इसी राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।
आने वाले समय में यदि चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के सवाल और बीजेपी के पलटवार जारी रहते हैं, तो यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंच तक राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है। खासकर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बीजेपी किस तरह जवाब देती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।



