Solar Panel Cleaning: सोलर पैनल की सफाई में पानी चुनते समय रहें सावधान, छोटी चूक से घट सकती है बिजली

Solar Panel Cleaning: धूल और हार्ड वॉटर के दाग रोक सकते हैं सूरज की रोशनी, जानिए पैनल धोने का सही समय और सुरक्षित तरीका

Solar Panel Cleaning: घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने का मकसद बिजली के खर्च को कम करना और सौर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करना होता है। लेकिन समय के साथ पैनल पर धूल, मिट्टी और दूसरी गंदगी जमा होने लगती है। इससे सूर्य की रोशनी सोलर सेल तक पहुंचने में बाधा आ सकती है और बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

पैनल की सफाई करते समय एक और बात का ध्यान रखना जरूरी है। नल के पानी में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स सूखने के बाद कांच पर सफेद निशान छोड़ सकते हैं। यदि बार-बार ऐसा होता है, तो सतह पर दाग जमा होने लगते हैं। इसलिए सोलर पैनल को साफ करने के लिए केवल पानी का इस्तेमाल करना ही काफी नहीं, बल्कि सफाई का सही तरीका अपनाना भी जरूरी है।

हार्ड वॉटर छोड़ सकता है कांच पर सफेद निशान

सामान्य नल के पानी में मिनरल्स की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। जिस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज अधिक होते हैं, उसे हार्ड वॉटर कहा जाता है।

जब ऐसा पानी सोलर पैनल पर डालकर छोड़ दिया जाता है, तो पानी सूखने के बाद खनिजों के निशान कांच पर रह सकते हैं। समय के साथ ये दाग जमा होकर सतह की सफाई को मुश्किल बना सकते हैं।

इस समस्या से बचने के लिए पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दें। जहां पानी में मिनरल्स अधिक हों, वहां निर्माता के निर्देशों के अनुसार डीमिनरलाइज्ड या डिस्टिल्ड पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर नल के पानी से सफाई कर रहे हैं, तो पानी को सतह पर अपने आप सूखने देने के बजाय उपयुक्त तरीके से अतिरिक्त पानी हटाना मददगार हो सकता है।

धूल-मिट्टी भी घटा सकती है पैनल की क्षमता

सोलर पैनल की सतह पर धूल, मिट्टी और प्रदूषण के कण जमा होने की प्रक्रिया को सोइलिंग कहा जाता है। गंदगी की परत सूर्य की रोशनी को आंशिक रूप से रोक सकती है, जिससे पैनल की बिजली बनाने की क्षमता कम हो सकती है।

भारत में गर्म और सूखे मौसम, धूल भरी हवाओं तथा निर्माण कार्यों वाले इलाकों में यह समस्या अधिक देखने को मिल सकती है। हालांकि, बिजली उत्पादन पर कितना असर पड़ेगा, यह पैनल की स्थिति, गंदगी की मात्रा, मौसम और आसपास के वातावरण पर निर्भर करता है।

क्या सफाई न करने पर 30 फीसदी तक गिर सकता है आउटपुट?

सोलर पैनल लंबे समय तक गंदे रहने पर बिजली उत्पादन में बड़ी गिरावट आ सकती है। कुछ परिस्थितियों में धूल की मोटी परत के कारण नुकसान काफी अधिक हो सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर पैनल में एक महीने तक सफाई न करने से बिजली उत्पादन निश्चित रूप से 30 प्रतिशत घट जाएगा।

यदि पैनल की बिजली बनाने की क्षमता में अचानक कमी आती है, तो उसकी सतह साफ करने के साथ इन्वर्टर, वायरिंग और सिस्टम की अन्य तकनीकी स्थितियों की भी जांच करनी चाहिए।

सुबह या शाम का समय सफाई के लिए बेहतर

तेज धूप में सोलर पैनल की सतह काफी गर्म हो सकती है। ऐसी स्थिति में अचानक ठंडा पानी डालने से तापमान में तेजी से बदलाव होता है, जिससे कुछ परिस्थितियों में कांच को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है।

इसलिए पैनल को सुबह जल्दी या शाम के समय साफ करना बेहतर होता है, जब उसकी सतह अपेक्षाकृत ठंडी हो। सफाई से पहले निर्माता की गाइडलाइन देखना भी जरूरी है।

खुरदरे ब्रश और तेज केमिकल से बनाएं दूरी

सोलर पैनल की ऊपरी सतह पर खरोंच आने से बचाने के लिए स्टील वूल, कठोर स्क्रबर और खुरदरे स्पंज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसी तरह ब्लीच, अमोनिया या तेज डिटर्जेंट वाले क्लीनर से भी बचना चाहिए, जब तक निर्माता इन्हें इस्तेमाल करने की अनुमति न देता हो।

पैनल साफ करने के लिए मुलायम कपड़ा, सॉफ्ट ब्रश या उपयुक्त स्क्वीजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सतह को नुकसान पहुंचाए बिना गंदगी हटाने में मदद मिलती है।

हर जगह एक जैसी सफाई जरूरी नहीं

सोलर पैनल की सफाई कितनी बार करनी चाहिए, यह उसके आसपास के वातावरण पर निर्भर करता है। धूल वाले क्षेत्रों, औद्योगिक इलाकों और निर्माण स्थलों के पास पैनल जल्दी गंदे हो सकते हैं।

समुद्र के नजदीक हवा में मौजूद नमक भी पैनल पर जमा हो सकता है। वहीं, बारिश कुछ गंदगी हटाने में मदद कर सकती है, लेकिन इससे हर तरह के दाग पूरी तरह साफ हो जाएं, यह जरूरी नहीं है।

इसलिए पैनल की सतह का नियमित निरीक्षण करें और जरूरत के मुताबिक सफाई का समय तय करें।

पक्षियों की बीट को भी तुरंत साफ करें

पक्षियों की बीट पैनल के कुछ हिस्सों को ढक सकती है, जिससे वहां सूर्य की रोशनी कम पहुंचती है। कुछ स्थितियों में इससे पैनल के हिस्सों में असमान गर्मी भी पैदा हो सकती है।

इसलिए ऐसी गंदगी को लंबे समय तक जमा न रहने दें। यदि पैनल छत पर ऊंचाई पर लगा है या वहां तक पहुंचना जोखिम भरा है, तो खुद सफाई करने के बजाय किसी प्रशिक्षित व्यक्ति की सहायता लें।

पैनल की उम्र और प्रदर्शन बनाए रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

सोलर पैनल की नियमित देखभाल से गंदगी के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए पानी की गुणवत्ता जांचें, गर्म सतह पर ठंडा पानी डालने से बचें और सफाई के लिए मुलायम उपकरणों का इस्तेमाल करें।

साथ ही, बिजली उत्पादन के आंकड़ों पर नजर रखें। यदि सफाई के बाद भी आउटपुट सामान्य नहीं होता, तो तकनीकी जांच कराना बेहतर होगा। सही रखरखाव से सोलर सिस्टम की कार्यक्षमता बनाए रखने और उससे बेहतर लाभ लेने में मदद मिल सकती है।

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