US Midterm Election 2026: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नेता अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की व्यापार और विदेश नीति की आलोचना की, तो ट्रंप ने उनके चुनाव प्रचार में उतरने पर तंज कसा।
अमेरिकी राजनीति में इस चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान होना है। चुनावी प्रचार में महंगाई, आम लोगों के खर्च और सरकार की नीतियों को लेकर बहस तेज हो गई है।
जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे ओबामा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन ओसॉफ के समर्थन में चुनाव प्रचार शुरू किया है। इस दौरान उन्होंने कनाडा पर टैरिफ लगाने की ट्रंप प्रशासन की नीति पर सवाल उठाए।
ओबामा ने कनाडा के लोकप्रिय मेपल सिरप और अभिनेता मार्टिन शॉर्ट का उल्लेख करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कनाडा के लोगों के मिलनसार व्यवहार की भी तारीफ की। उनके इस बयान को ट्रंप की व्यापार नीति पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
ओबामा ने ईरान के साथ अमेरिका के संघर्ष को लेकर भी ट्रंप प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है और जारी है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रशासन की विदेश नीति पर अपनी असहमति जाहिर की।
ट्रंप बोले- ओबामा मेरे खिलाफ प्रचार करते हैं तो जीत पक्की
बराक ओबामा के चुनाव प्रचार में सक्रिय होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी उन पर निशाना साधा। ओहायो में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब भी ओबामा उनके खिलाफ प्रचार करने के लिए मैदान में उतरते हैं, उनकी जीत पक्की हो जाती है।
ट्रंप की इस टिप्पणी ने चुनावी प्रचार में दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। ओबामा डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटा रहे हैं, जबकि ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं।
5,000 डॉलर और हैमबर्गर का जिक्र कर ट्रंप ने किया मजाक
चुनावी रैली में ट्रंप ने आम लोगों की खर्च उठाने की क्षमता यानी अफोर्डेबिलिटी के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका में 5,000 डॉलर से क्या खरीदा जा सकता है। इसके बाद उन्होंने अपने आलीशान मार-ए-लागो रिसॉर्ट का जिक्र करते हुए मजाक में कहा कि वहां एक हैमबर्गर खरीदने में ही इतनी रकम खर्च हो सकती है।
रैली में मौजूद लोगों ने उनकी टिप्पणी पर हंसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। हालांकि, अमेरिका में रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती लागत चुनावी बहस का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
विपक्ष महंगाई को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में खर्च से जुड़ी उनकी टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव में इस मुद्दे का कितना प्रभाव पड़ेगा, इसका पता मतदान के बाद ही चलेगा।
अमेरिकी मतदाताओं को 5,000 डॉलर देने के वादे की भी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में जीत मिलने पर प्रत्येक अमेरिकी वयस्क को 5,000 डॉलर देने की बात कही थी। वहीं, कारोबारी एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में प्रचार करते हुए कुछ अमेरिकियों को अपनी कंपनी स्पेसएक्स में शेयर देने की बात कही है।
हालांकि, इन बयानों और प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति, पात्रता और शर्तों को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है। चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को लागू हो चुकी सरकारी योजना नहीं माना जाना चाहिए।
महंगाई और आर्थिक नीतियों पर बढ़ी बहस
अमेरिका में बढ़ती कीमतें और घरेलू खर्च मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों, टैरिफ और विदेश नीति पर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कनाडा पर लगाए गए टैरिफ और ईरान के साथ संघर्ष को लेकर ओबामा की आलोचना ने चुनावी बहस में विदेश नीति को भी प्रमुखता दी है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बयान और चुनावी वादे प्रचार अभियान का अहम हिस्सा बने रह सकते हैं।
3 नवंबर को होगा मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए चुनाव निर्धारित हैं। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में दलों की स्थिति यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि राष्ट्रपति के शेष कार्यकाल में विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की परिस्थितियां कैसी रहेंगी।
चुनाव से पहले ट्रंप और ओबामा की सक्रियता ने राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है। अब मतदाताओं के सामने महंगाई, व्यापार नीति, विदेश नीति और अन्य घरेलू मुद्दे हैं, जिन पर दोनों दल समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।



