8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाओं के बीच सालाना इंक्रीमेंट की दर बढ़ाने की मांग सामने आई है। आयोग ने मुंबई में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें पूरी कर ली हैं। इन बैठकों में वेतन, पेंशन, भत्तों और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कर्मचारी संगठनों ने मौजूदा 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यदि 7 प्रतिशत की मांग को मंजूरी मिलती है, तो लेवल 9, 10 और 11 समेत अलग-अलग पे-लेवल के कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि में बदलाव हो सकता है।
हालांकि, अभी 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल यह कर्मचारी संगठनों की मांग है, जिस पर आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कर्मचारी संगठनों ने रखे अलग-अलग प्रस्ताव
8वें वेतन आयोग को कई कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव सौंपे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 6 प्रतिशत सालाना वेतन वृद्धि की मांग की है।
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने भी 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट का प्रस्ताव रखा है। वहीं, ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AINPSEF) ने 7 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी की मांग की है।
इसके अलावा इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5 प्रतिशत इंक्रीमेंट का सुझाव दिया है। इन प्रस्तावों पर विचार करने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
लेवल 9 के कर्मचारियों को कितना फायदा हो सकता है?
7वें वेतन आयोग के तहत लेवल 9 की शुरुआती बेसिक सैलरी 53,100 रुपये है। यदि 8वें वेतन आयोग में 2.28 फिटमेंट फैक्टर लागू होने का अनुमान सही साबित होता है, तो यह बेसिक पे बढ़कर करीब 1,21,068 रुपये हो सकती है।
इस अनुमानित वेतन पर मौजूदा 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट के हिसाब से हर साल करीब 3,632 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट लागू होने पर सालाना वृद्धि लगभग 8,475 रुपये हो सकती है।
इस तरह दोनों दरों के बीच सालाना करीब 4,843 रुपये का अंतर होगा। यह गणना प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर और अनुमानित बेसिक सैलरी के आधार पर की गई है।
लेवल 10 के कर्मचारियों की सैलरी का गणित
लेवल 10 के कर्मचारियों की मौजूदा शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है। 2.28 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 8वें वेतन आयोग में यह रकम बढ़कर अनुमानित 1,27,908 रुपये हो सकती है।
यदि 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट जारी रहता है, तो इस बेसिक पे पर हर साल लगभग 3,837 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलने पर सालाना वृद्धि करीब 8,954 रुपये तक पहुंच सकती है।
इस हिसाब से 3 प्रतिशत की तुलना में 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलने पर लेवल 10 के कर्मचारियों को हर साल करीब 5,117 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिल सकती है।
लेवल 11 के कर्मचारियों को कितना अतिरिक्त लाभ?
7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स में लेवल 11 की शुरुआती बेसिक सैलरी 67,700 रुपये है। यदि इस पर 2.28 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए, तो अनुमानित नई बेसिक पे करीब 1,54,356 रुपये हो सकती है।
इस रकम पर 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट के हिसाब से करीब 4,631 रुपये की बढ़ोतरी होगी। दूसरी ओर, 7 प्रतिशत की दर लागू होने पर सालाना वृद्धि लगभग 10,805 रुपये हो सकती है।
इस तरह दोनों दरों के बीच सालाना करीब 6,174 रुपये का अंतर होगा। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार द्वारा तय किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगी।
तीनों पे-लेवल का पूरा कैलकुलेशन
2.28 फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के आधार पर लेवल 9, 10 और 11 की बेसिक सैलरी पर 3 प्रतिशत और 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट की तुलना इस प्रकार है:
| पे-लेवल | अनुमानित बेसिक पे | 3% इंक्रीमेंट | 7% इंक्रीमेंट | सालाना अंतर |
|---|---|---|---|---|
| लेवल 9 | ₹1,21,068 | ₹3,632 | ₹8,475 | ₹4,843 |
| लेवल 10 | ₹1,27,908 | ₹3,837 | ₹8,954 | ₹5,117 |
| लेवल 11 | ₹1,54,356 | ₹4,631 | ₹10,805 | ₹6,174 |
ये आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद तय होगी।
क्या 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट को मिलेगी मंजूरी?
कर्मचारी संगठनों की ओर से 7 प्रतिशत तक सालाना इंक्रीमेंट की मांग रखी गई है, लेकिन इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। 8वें वेतन आयोग को वेतन वृद्धि के साथ पेंशन, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों पर भी विचार करना है।
इसी तरह 2.28 फिटमेंट फैक्टर भी फिलहाल गणना के लिए इस्तेमाल किया गया अनुमान है। इसे आयोग द्वारा तय किया गया आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर नहीं माना जा सकता।
अब कर्मचारियों की नजर आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि सालाना इंक्रीमेंट की दर कितनी रखी जाएगी और अलग-अलग पे-लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में कितना बदलाव होगा।



