US Midterm Election: चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने बदली अपनी टीम, सुसी वाइल्स की जगह स्टीफन मिलर को सौंपी कमान

US Midterm Election: रिपब्लिकन पार्टी के दोनों सदनों में नियंत्रण गंवाने के बाद व्हाइट हाउस में बड़ा बदलाव, अमेरिकी न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी छोड़े पद

US Midterm Election: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अहम बदलाव किया है। ट्रंप ने चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को पद से हटाकर उनकी जगह स्टीफन मिलर को यह जिम्मेदारी दे दी है। मिलर लंबे समय से ट्रंप के राजनीतिक सहयोगी रहे हैं और अब तक डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे।

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने सुसी वाइल्स के योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि वह आगे भी उनके राजनीतिक संगठन के साथ जुड़ी रहेंगी। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब रिपब्लिकन पार्टी मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों का नियंत्रण गंवा चुकी है।

स्टीफन मिलर को क्यों मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?

स्टीफन मिलर को डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रणनीतिकारों में गिना जाता है। वह वर्ष 2016 में ट्रंप के पहले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनकी टीम में शामिल हुए थे। शुरुआत में उन्होंने भाषण लेखक के तौर पर काम किया, लेकिन बाद में प्रशासन और राजनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका बढ़ती गई।

मिलर विशेष रूप से आव्रजन और सीमा सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति, अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर भेजने की योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में उन्हें प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।

अब चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर उन्हें राष्ट्रपति कार्यालय के दैनिक कामकाज, प्रशासनिक समन्वय और नीतिगत प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

व्हाइट हाउस की पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ थीं सुसी वाइल्स

सुसी वाइल्स ने व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ बनने वाली पहली महिला के रूप में इतिहास बनाया था। वह लंबे समय से ट्रंप की राजनीतिक टीम का हिस्सा रही हैं। वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में वह ट्रंप के साथ जुड़ीं। इसके बाद 2020 में फ्लोरिडा में उनके चुनाव अभियान का प्रबंधन किया और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार रणनीति संभाली।

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में वाइल्स को चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया था। इस पद पर उन्होंने ट्रंप के पिछले कार्यकाल के चीफ ऑफ स्टाफ की तुलना में अधिक समय तक काम किया।

पद छोड़ने के बाद वाइल्स ने बयान जारी कर कहा कि व्हाइट हाउस में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने ट्रंप और उनके राजनीतिक मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

दोनों सदनों में नियंत्रण गंवाने से बढ़ी ट्रंप की मुश्किलें

3 नवंबर को हुए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई सीटों पर जीत दर्ज की। इसके परिणामस्वरूप रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में अपना नियंत्रण खो बैठी।

इस बदलाव का असर ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के शेष दो वर्षों पर पड़ सकता है। संसद के दोनों सदनों में बहुमत नहीं होने से सरकार के विधायी प्रस्तावों को पारित कराने में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी को संसदीय समितियों का नियंत्रण मिलने से ट्रंप प्रशासन के कामकाज की निगरानी और जांच करने के अधिक अवसर मिलेंगे। ऐसे में राष्ट्रपति के फैसलों और नीतियों पर संसद में सवाल-जवाब का सिलसिला बढ़ सकता है।

चुनावी नतीजों के बाद न्याय विभाग में भी हलचल

मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिकी न्याय विभाग में भी कई वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे सामने आए हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के प्रमुख जॉन आइजनबर्ग और फ्लोरिडा के दक्षिणी जिले के पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी जेसन रेडिंग क्विनोनेस ने अपने पद छोड़ दिए।

इन दोनों अधिकारियों के इस्तीफे से एक दिन पहले नागरिक अधिकार विभाग की प्रमुख हरमीत ढिल्लों ने भी गुरुवार को पद छोड़ने की घोषणा की थी।

लगातार सामने आ रहे इस्तीफों और व्हाइट हाउस में हुए फेरबदल को अमेरिकी प्रशासन में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन अधिकारियों के पद छोड़ने के अलग-अलग कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।

ट्रंप के लिए आगे की राह क्यों होगी चुनौतीपूर्ण?

मिडटर्म चुनाव के बाद संसद में बदले राजनीतिक समीकरण ट्रंप प्रशासन के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करने से सरकारी नीतियों, बजट और विधायी प्रस्तावों पर चर्चा का तरीका बदल सकता है।

संसदीय समितियों के जरिए प्रशासन के कामकाज की जांच भी तेज हो सकती है। ऐसे में ट्रंप को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत और समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।

स्टीफन मिलर की नियुक्ति के बाद अब यह देखना होगा कि व्हाइट हाउस की कार्यशैली और प्रशासन की नीतिगत प्राथमिकताओं में क्या बदलाव आते हैं। साथ ही न्याय विभाग में जारी इस्तीफों और अन्य संभावित नियुक्तियों पर भी नजर रहेगी।

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