लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में मंगलवार को शब्दों के बाण जोरदार ढंग से चले। नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से उनको माकूल जवाब भी मिला।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा पर हमलों के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी और सच नदी के दो छोर हैं। सभी को पता है कि यह कभी एक नहीं हो सकते हैं। समाजवादी पार्टी को तो प्रदेश सरकार के अच्छे कार्यों को सहर्ष स्वीकार करना चाहिए और नेता विरोधी कल अखिलेश यादव को इस बारे में तो सच बोलना चाहिए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष जैसा बोल रहे थे, उससे तो ऐसा लगा पर उपदेश कुशल बहुतेरे। आपको तो नेशनल हेल्थ सर्वे के आंकड़ें देखने की जरूरत है। प्रदेश में बीते पांच वर्ष में शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार बेहतर सुधार हुए हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में गलत तथ्य पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को आईना दिखाया। मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और सच तो नदी के दो किनारे हैं, जो आपस में कभी नहीं मिलते, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को सदन में सच बोलने की आदत डालनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार रही, लेकिन प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की कोई कोशिश नहीं की गई। यहां तक कि गोरखपुर व आसपास के जिलों में इंसेफेलाइटिस से मासूम बच्चों की हर साल सैकड़ों मौतें होती रहीं, लेकिन समाजवादी पार्टी की ओर से संवेदना का एक भी शब्द नहीं फूटा।विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र पर अपना बयान दिया। जवाब में सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के चार वर्ष शासन के दौर की कारगुजारियों की पोल खोल कर रख दी। तथ्यों और तर्कों के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर एम्स के लिए जमीन देने में यही तथाकथित समाजवादी रोड़ा अटकाते रहे।
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