US China Trade: टैरिफ पर नरमी के संकेत, ट्रंप-शी मुलाकात से पहले 30 अरब डॉलर के व्यापार पर बातचीत

US China Trade: अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कम करने को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देश करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क में कटौती के संभावित ढांचे पर काम कर रहे हैं।

US China Trade: अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव के बीच अब टैरिफ को लेकर बातचीत का एक नया दौर शुरू हो गया है। दोनों देशों के अधिकारी कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 24 सितंबर को वॉशिंगटन में प्रस्तावित बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और चीन करीब 30 अरब डॉलर के व्यापार से जुड़े सामान पर पारस्परिक टैरिफ कटौती के एक ढांचे पर काम कर रहे हैं। चीन के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि दोनों देशों की टीमें टैरिफ में कमी को जल्द लागू करने की दिशा में बातचीत कर रही हैं।

किन सामानों पर घट सकता है टैरिफ?

मौजूदा बातचीत में कुछ गैर-संवेदनशील उत्पादों पर शुल्क कम करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा और कृषि उत्पादों से जुड़े टैरिफ भी चर्चा का हिस्सा हैं। इसके अलावा अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ चीनी औद्योगिक इनपुट पर शुल्क घटाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को पूरी तरह सामान्य करना नहीं, बल्कि कुछ चुने हुए उत्पादों पर शुल्क कम करके व्यापारिक दबाव को घटाना है। रिपोर्टों में इसे पारस्परिक टैरिफ कटौती के ढांचे के तौर पर बताया गया है।

चीन ने बातचीत की पुष्टि की

चीन के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से अमेरिका के साथ जारी आर्थिक और व्यापारिक बातचीत की पुष्टि की गई है। चीनी अधिकारियों ने कहा है कि दोनों पक्ष टैरिफ में कमी से संबंधित मुद्दों पर संपर्क में हैं और करीब 30 अरब डॉलर के सामान से जुड़े शुल्कों को कम करने के लिए काम किया जा रहा है।

चीनी पक्ष की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि वह टैरिफ कटौती पर जल्द किसी समझ तक पहुंचने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत का अंतिम परिणाम क्या होगा और किन-किन उत्पादों को इस संभावित राहत में शामिल किया जाएगा।

ट्रंप-शी बैठक से पहले बढ़ी हलचल

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक बातचीत ऐसे समय तेज हुई है, जब दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात प्रस्तावित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने वाले हैं। बैठक से पहले दोनों देशों के शीर्ष आर्थिक अधिकारी भी संपर्क में हैं।

इस बैठक में टैरिफ के अलावा व्यापार संतुलन, निवेश, तकनीक और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों से जुड़े अन्य मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों को शीर्ष नेतृत्व की वार्ता के लिए जमीन तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

ट्रेड वॉर में कितनी आएगी नरमी?

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर विवाद पिछले कुछ वर्षों से वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के उत्पादों पर शुल्क बढ़ाए जाने से कंपनियों की लागत, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ा है।

अगर 30 अरब डॉलर के व्यापार से जुड़े प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को सीमित करने की दिशा में एक कदम हो सकता है। हालांकि, इसे व्यापक व्यापार समझौते के बराबर नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कई ऐसे मुद्दे अभी भी मौजूद हैं जिन पर मतभेद बने हुए हैं।

टेक्नोलॉजी और रणनीतिक मुद्दे अब भी चुनौती

टैरिफ के अलावा अमेरिका और चीन के बीच तकनीक, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक सप्लाई चेन जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। इन क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

इसी वजह से मौजूदा टैरिफ बातचीत को व्यापक व्यापारिक विवाद के समाधान के बजाय चुनिंदा क्षेत्रों में तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों से यह स्पष्ट हो सकता है कि संभावित टैरिफ कटौती का दायरा कितना बड़ा होगा।

अब 24 सितंबर की बैठक पर नजर

फिलहाल वैश्विक बाजारों और व्यापार जगत की नजर ट्रंप और शी जिनपिंग की प्रस्तावित 24 सितंबर की बैठक पर है। दोनों देशों के बीच टैरिफ कटौती पर चल रही बातचीत इस बैठक के प्रमुख आर्थिक मुद्दों में शामिल हो सकती है।

यदि दोनों पक्ष कुछ उत्पादों पर शुल्क घटाने को लेकर सहमत होते हैं, तो इससे अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में सीमित स्तर पर राहत मिल सकती है। हालांकि, अंतिम समझौते और उसकी शर्तें सामने आने के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

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