Solar Technology: बढ़ती बिजली कीमतों के बीच लाखों लोग सोलर सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि एक सवाल अक्सर लोगों को परेशान करता है कि अगर पूरे दिन सूरज न निकले तो क्या सोलर सिस्टम काम करना बंद कर देगा? इसका जवाब सीधे तौर पर “नहीं” है, लेकिन इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण बातें समझना जरूरी है।
सिर्फ पैनल नहीं, बैटरी भी निभाती है बड़ी भूमिका
सोलर पैनल बिजली बनाने के लिए सूर्य की रोशनी पर निर्भर करते हैं। ऐसे में जब मौसम खराब हो या पूरे दिन धूप न मिले, तब बिजली उत्पादन काफी घट सकता है।
लेकिन अगर आपके सिस्टम में बैटरी स्टोरेज मौजूद है, तो पहले से जमा बिजली का उपयोग किया जा सकता है। यही वजह है कि कई घरों में रात के समय भी सोलर सिस्टम से बिजली मिलती रहती है।
बैकअप समय कैसे तय होता है?
सोलर बैटरी कितनी देर चलेगी, यह उसकी क्षमता और घर में चल रहे उपकरणों पर निर्भर करता है।
मान लीजिए आपके पास 5 kWh की बैटरी है। यदि घर में केवल 500 वॉट का लोड चल रहा है, तो बैटरी लगभग 8 से 10 घंटे तक बिजली दे सकती है। हालांकि वास्तविक समय बैटरी की स्थिति और सिस्टम की दक्षता पर भी निर्भर करेगा।
ज्यादा उपकरण चलेंगे तो बैटरी जल्दी खाली होगी
अगर सिर्फ पंखे, लाइट और टीवी चल रहे हैं तो बैकअप लंबे समय तक मिल सकता है। वहीं एसी, गीजर या भारी बिजली खपत वाले उपकरण बैटरी को तेजी से खत्म कर सकते हैं।
यही कारण है कि कम धूप वाले दिनों में ऊर्जा की बचत करना बैकअप बढ़ाने का सबसे आसान तरीका माना जाता है।
ऑन-ग्रिड और बैटरी सिस्टम में अंतर
बिना बैटरी वाले ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम केवल तब तक काम करते हैं, जब तक बिजली ग्रिड उपलब्ध रहती है। ऐसे सिस्टम में अलग से बैकअप नहीं मिलता।
वहीं हाइब्रिड या बैटरी आधारित सिस्टम बिजली स्टोर कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसी ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
लगातार कई दिन बादल रहें तो क्या होगा?
एक दिन बिना धूप के अधिकांश बैटरी सिस्टम घर की जरूरी जरूरतें पूरी कर सकते हैं। लेकिन अगर कई दिनों तक सूरज की रोशनी कम मिले, तो बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पाएगी और बैकअप समय घट सकता है।
इसीलिए विशेषज्ञ सोलर सिस्टम लगवाते समय पैनल के साथ-साथ बैटरी क्षमता और दैनिक बिजली खपत का भी सही आकलन करने की सलाह देते हैं।
सूरज न निकलने का मतलब यह नहीं है कि सोलर सिस्टम बेकार हो जाएगा। पर्याप्त बैटरी स्टोरेज होने पर घर की जरूरी बिजली कई घंटों तक चल सकती है। इसलिए सोलर सिस्टम चुनते समय केवल पैनलों की संख्या नहीं, बल्कि बैटरी बैकअप पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।



