उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा को करारा झटका लगा है। योगी सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पद से इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले ही वह सपा छोड़कर भाजपा में आए थे। इससे पहले वह बीएसपी सरकार में मंत्री भी रहे थे और फिर मायावती को छोड़कर सपा में आए थे। पिछड़ी जाति के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की भाजपा में एंट्री को सोशल इंजीनियरिंग का नतीजा माना जा रहा था। लेकिन अब पिछड़े समाज के बड़े नेता के बीजेपी छोड़ने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है।स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में शामिल होने की जानकारी खुद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी है। अखिलेश यादव ने लिखा, ‘सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा कई और नेता एवं विधायक भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। 2017 में उनके भाजपा में आने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के कई समर्थक भी भगवा दल में शामिल हुए थे। स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघ मित्रा मौर्य भी बदायूं से भाजपा की सासंद हैं। मौजूदा घटनाक्रम के बाद उनके भी पार्टी छोड़ने की अटकलें हैं।स्वामी प्रसाद मौर्य का पार्टी छोड़ना इसलिए भी भाजपा के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उनके पीछे कई और विधायक जा सकते हैं। शाहजहांपुर के विधायक लालजी वर्मा ने भी पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या मेरे नेता हैं और वह जैसा कहेंगे, वैसा करूंगा। बता दें कि लालजी वर्मा काफी समय से भाजपा का विरोध करते रहे हैं। उनके टिकट कटने की भी आशंकाएं जताई जा रही थीं।
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