Potato Storage: कई घरों में खाना बनाने से पहले सब्जियों की तैयारी कर ली जाती है। खासकर आलू को छीलकर और काटकर पहले से रख दिया जाता है। लेकिन कुछ समय बाद देखने पर उनका रंग बदल जाता है। सफेद दिखने वाले आलू भूरे या काले नजर आने लगते हैं।
ऐसे में कई लोग समझते हैं कि आलू खराब हो गए हैं, जबकि हकीकत कुछ और होती है।
रंग बदलने के पीछे क्या है वजह?
आलू के अंदर प्राकृतिक रूप से कुछ एंजाइम मौजूद होते हैं। जब आलू को काटा जाता है तो उसका अंदरूनी हिस्सा हवा के संपर्क में आ जाता है। इसके बाद ऑक्सीजन और एंजाइम की प्रतिक्रिया शुरू होती है, जिसे ऑक्सीडेशन कहा जाता है।
यही प्रक्रिया आलू की सतह को धीरे-धीरे गहरा रंग देने लगती है। हालांकि, केवल रंग बदलने का मतलब यह नहीं है कि आलू खाने लायक नहीं रहे।
आलू को काला होने से कैसे बचाएं?
पानी सबसे आसान उपाय
कटे हुए आलू को तुरंत पानी में डाल दें। इससे हवा का सीधा संपर्क रुक जाता है और रंग बदलने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।
ठंडी जगह पर रखें
यदि आलू कुछ घंटों बाद इस्तेमाल करने हैं, तो उन्हें ढक्कन वाले बर्तन में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं। कम तापमान ऑक्सीडेशन को धीमा करता है।
नींबू का इस्तेमाल करें
पानी में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाने से भी फायदा मिलता है। यह आलू को लंबे समय तक साफ और सफेद बनाए रखने में मदद करता है।
कंटेनर को अच्छी तरह बंद रखें
कटे हुए आलू खुले बर्तन में रखने से जल्दी रंग बदलते हैं। इसलिए हमेशा एयरटाइट कंटेनर का उपयोग करें।
क्या रंग बदलने के बाद आलू खाना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य ऑक्सीडेशन से रंग बदलने वाले आलू आमतौर पर खाने योग्य रहते हैं। अगर उनमें बदबू, चिपचिपापन या सड़न के संकेत न हों, तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
कटे हुए आलू का भूरा या काला पड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। सही स्टोरेज और कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर आप आलू को लंबे समय तक ताजा, सफेद और उपयोग के लिए तैयार रख सकते हैं। खासकर पानी और फ्रिज का इस्तेमाल इस समस्या का सबसे आसान समाधान माना जाता है।



