Onion Price: रसोई का बजट बिगाड़ रहा प्याज, जानिए कब मिल सकती है कीमतों से राहत

Onion Price: बफर स्टॉक और अतिरिक्त सप्लाई के बावजूद बाजार में प्याज महंगा, नई फसल आने तक राहत की उम्मीद कम।

Onion Price: देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। सरकार द्वारा बाजार में अतिरिक्त स्टॉक भेजे जाने और विशेष परिवहन व्यवस्था किए जाने के बावजूद खुदरा बाजारों में कीमतों में अपेक्षित गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और घरेलू बजट पर पड़ रहा है।

खुदरा बाजार में अब भी महंगा प्याज

कई शहरों और कस्बों में प्याज की कीमतें 60 से 70 रुपये प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ महीनों की तुलना में रसोई का खर्च बढ़ गया है। खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर इसका अधिक असर पड़ रहा है।

सरकार ने बढ़ाई बाजार में उपलब्धता

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अपने बफर स्टॉक से बड़ी मात्रा में प्याज बाजार में उतारा है। इसके अलावा सहकारी संस्थाओं और मोबाइल बिक्री केंद्रों के माध्यम से रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। कई राज्यों में विशेष रेल सेवाओं के जरिए भी सप्लाई बढ़ाने की कोशिश की गई है।

मौसम बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल मौसम की अनिश्चितता ने प्याज उत्पादन और भंडारण दोनों को प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में देर से बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक वर्षा के कारण पुराना स्टॉक खराब हुआ। इससे बाजार में उपलब्ध अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की मात्रा घट गई।

नई फसल का इंतजार

फिलहाल बाजार की उम्मीद खरीफ सीजन की नई फसल पर टिकी है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के आखिर या नवंबर में नई आवक बढ़ने के बाद सप्लाई बेहतर हो सकती है। यदि उत्पादन अनुमान के अनुसार रहा, तो कीमतों में धीरे-धीरे नरमी आने की संभावना है।

फिलहाल राहत के आसार कम

व्यापारियों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक प्याज के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं। हालांकि नई फसल के बाजार में पहुंचने के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक उपभोक्ताओं को महंगे प्याज के साथ ही काम चलाना पड़ सकता है।

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