Chirag Paswan: बिहार के जमुई और समस्तीपुर में सामने आई कथित छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इन मामलों को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार को घेर रहा है, वहीं अब सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से कठोर कदम उठाने की अपील की है।
सोशल मीडिया के जरिए रखी बात
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जमुई के बाद समस्तीपुर से आई खबर भी बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब बच्चियों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो यह समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चेतावनी होती है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा किसी भी राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता।
अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
अपने बयान में चिराग पासवान ने कहा कि अपराधियों के बढ़ते हौसले चिंता का विषय हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून का डर खत्म होने से ऐसी घटनाएं बढ़ती हैं, इसलिए सख्ती जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होनी चाहिए।
विपक्ष ने भी साधा निशाना
इन घटनाओं को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार की आलोचना कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई नेताओं ने सरकार से जवाबदेही तय करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
दूसरी ओर, सरकार की तरफ से कहा गया है कि संबंधित मामलों की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ी राजनीतिक हलचल
जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष के हमलों के बीच अब सहयोगी दलों की चिंता भी सामने आने लगी है। ऐसे में यह मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक चर्चा का भी बड़ा विषय बन गया है।
फिलहाल सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



