Netanyahu Starlink UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के मंच पर इजराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया। 24 सितंबर को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान एलन मस्क की कंपनी SpaceX के Starlink इंटरनेट टर्मिनल को हाथ में लेकर ईरान पर निशाना साधा। नेतन्याहू ने Starlink को ईरान में इंटरनेट सेंसरशिप के बीच सूचना तक पहुंच का जरिया बताया और कहा कि यह तकनीक लोगों को बिना सेंसरशिप के जानकारी हासिल करने में मदद कर सकती है।
इसके बाद मामले में एक और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। इजराइल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत डैनी डैनन Starlink का वही टर्मिनल लेकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास पहुंचे और उसे तेहरान ले जाने की पेशकश की। ईरानी प्रतिनिधि ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और डिवाइस लेने से इनकार कर दिया।
UN के मंच पर Starlink क्यों दिखाया नेतन्याहू ने?
नेतन्याहू ने अपने भाषण में ईरान में इंटरनेट और सूचना तक पहुंच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने Starlink टर्मिनल को दिखाते हुए इसे संचार का ऐसा माध्यम बताया, जिसके जरिए लोग इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं।
इजराइली प्रधानमंत्री ने ईरानी सरकार पर इंटरनेट को नियंत्रित करने और सूचना पर पाबंदी लगाने के आरोप लगाए। उन्होंने Starlink को स्वतंत्र जानकारी और अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ते हुए कहा कि ईरानी शासन को ऐसी तकनीक से परेशानी होती है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Starlink SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। यह पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या फाइबर कनेक्शन के बजाय लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट्स के नेटवर्क के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है।
भाषण के बाद ईरानी प्रतिनिधि के पास पहुंचे डैनी डैनन
नेतन्याहू के भाषण के बाद इजराइल के UN राजदूत डैनी डैनन Starlink टर्मिनल लेकर ईरानी प्रतिनिधि के पास पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने ईरानी राजनयिक नासेर असदी को डिवाइस देने की कोशिश की और उसे तेहरान ले जाने को कहा।
डैनन ने कहा कि यह डिवाइस ईरान में लोगों को जानकारी तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने ईरानी लोगों की आजादी की बात करते हुए ईरानी शासन में बदलाव की उम्मीद भी जताई।
हालांकि, ईरानी प्रतिनिधि ने डिवाइस लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई। सामने आए वीडियो में वह डैनन की पेशकश को स्वीकार करते हुए नजर नहीं आते और बातचीत का जवाब भी नहीं देते।
ईरानी प्रतिनिधि ने क्यों ठुकराया Starlink का ऑफर?
ईरानी प्रतिनिधि की ओर से इस पेशकश को स्वीकार करने का कोई सार्वजनिक संकेत सामने नहीं आया है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि उन्होंने किसी विशेष कारण से डिवाइस लेने से इनकार किया।
हालांकि, घटनाक्रम का राजनीतिक संदर्भ साफ है। इजराइल और ईरान लंबे समय से एक-दूसरे के खिलाफ कड़े राजनीतिक और सुरक्षा आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में UN जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर Starlink टर्मिनल दिखाना और फिर उसे ईरानी प्रतिनिधि को सौंपने की कोशिश करना दोनों देशों के बीच जारी टकराव का एक प्रतीकात्मक घटनाक्रम बन गया।
ईरान में इंटरनेट प्रतिबंध का मुद्दा
Starlink को लेकर नेतन्याहू का संदेश ईरान में इंटरनेट और सूचना तक पहुंच के सवाल से जुड़ा था। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में 2026 की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान लंबे समय तक इंटरनेट ब्लैकआउट रहा था, जिसे मई के अंत में समाप्त किया गया था।
इसी पृष्ठभूमि में इजराइल ईरान के इंटरनेट नियंत्रण को लेकर सवाल उठाता रहा है। दूसरी ओर, ईरान और उसके प्रतिनिधि इजराइल के आरोपों को स्वीकार नहीं करते और दोनों देशों के बीच राजनीतिक टकराव लगातार जारी है।
Starlink और ईरान के बीच पहले भी रहा है विवाद
Starlink का नाम ईरान के संदर्भ में पहली बार नहीं आया है। सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक को लेकर पहले भी यह चर्चा होती रही है कि इससे उन इलाकों में इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है जहां सरकार या स्थानीय नेटवर्क के कारण कनेक्टिविटी सीमित है।
इसी वजह से नेतन्याहू ने UN में Starlink टर्मिनल को केवल एक तकनीकी उपकरण के तौर पर नहीं, बल्कि इंटरनेट और सूचना की स्वतंत्र पहुंच के मुद्दे से जोड़कर पेश किया। उनके भाषण के बाद डैनी डैनन का उसी डिवाइस को ईरानी प्रतिनिधि तक ले जाना इस संदेश को और ज्यादा राजनीतिक बना गया।
UN में कुछ मिनटों का घटनाक्रम बना चर्चा का विषय
UNGA में हुआ यह घटनाक्रम भले ही कुछ मिनटों का रहा, लेकिन इसमें इजराइल और ईरान के बीच चल रही व्यापक कूटनीतिक खींचतान की झलक दिखाई दी। नेतन्याहू ने जहां अपने भाषण में Starlink को ईरान के लोगों तक सूचना पहुंचाने के माध्यम के तौर पर पेश किया, वहीं डैनी डैनन ने उसी डिवाइस को ईरानी प्रतिनिधि को सौंपने की कोशिश की।
ईरानी प्रतिनिधि की ओर से डिवाइस स्वीकार नहीं किया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद Starlink एक बार फिर इजराइल-ईरान विवाद के बीच चर्चा का विषय बन गया है।



