प्रयागराज । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को बताया कि विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है। ऐसी स्थिति में नई सरकार बनने के बाद ही प्रेस मान्यता समिति को गठित करने की कार्यवाही हो पाएगी। इस जानकारी के बाद कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका निस्तारित कर दिया। आल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार बनने के बाद समिति गठित नहीं होती तो याची फिर से याचिका दायर कर सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता व न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने आल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जानकारी मांगी थी कि उत्तर प्रदेश प्रेस मान्यता समिति का गठन किस वजह से नहीं किया जा रहा है? जबकि, इसका विज्ञापन छह जून 2020 को ही किया जा चुका है। याचिका पर अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी ने बहस की। इनका कहना था कि प्रेस मान्यता समिति के गठन के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। याची भी सदस्य का दावेदार हैं। डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। याचिका में निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समादेश जारी करने की मांग की गई थी। याची का कहना है कि समिति का गठन न होने से पत्रकारों का नुकसान हो रहा है।
Related Articles

September 15, 2026
2
Uttar Pradesh News: अमेठी में परिवारिक मतभेद का सौहार्दपूर्ण अंत, दोनों पक्षों ने वापस लिया विवाद

September 14, 2026
3

