शिमला। स्कूलों में बच्चों को समय पर अब मिड-डे मील का राशन मिलेगा और साथ इस योजना के तहत काम करने वाले करीब 18 हजार कर्मचारियों को समय पर उनका मानदेय भी मिलेगा। केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रारंभिक शिक्षा विभाग को 40 करोड़ रुपए की ग्रांट जारी कर दी है। ऐसे में अब स्कूलों को जल्द ही ये बजट बांट दिया जाएगा। पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि मिड-डे मील में स्कूलों को चावल सहित अन्य खाने की सामग्री समय पर नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों का भी दो से तीन माह का वेतन पेंडिंग था। लेकिन अब केंद्र की ओर से बजट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों को फिलहाल 31 जनवरी तक बंद कर दिया है और बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन जारी है। ऐसेे में अब स्कूल खुलने के बाद बच्चों कों मिड-डे मील का राशन दिया जाएगा।पिछले दो सालों से स्कूलों में कोविड के चलते दोपहर का खाना नहीं बन रहा। बच्चों को घर पर ही सूखा राशन मुहैया करवाया जा रहा है। ऐसे में अब स्कूलों को ये नया बजट जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार के साथ 16 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा विभाग की पीएबी की बैठक होनी है। इस बैठक में शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट को न केवल अप्रूवल मिलनी है बल्कि नया बजट भी मिलना है। ऐसे में अब उम्मीद है कि नए साल में सैशन शुरू होते ही मानदेय की दिक्कत नहीं रहेगी और स्कूलों को नया बजट भी मिलेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर भुवन शर्मा ने बताया कि केंद्र की ओर से 40 करोड़ का बजट जारी किया गया है। स्कूलों को जल्द ही यह बजट जारी कर दिया जाएगा। पहली कक्षा से आठवीं तक के साढ़े पांच लाख छात्रों को मिड-डे मील दिया जाता है। पहली से पांचवीं तक के छात्रों को 100 ग्राम चावल और छठी से आठवीं तक के छात्रों को 150 ग्राम चावल प्रतिदिन दिया जाता है। शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर शिक्षकों की ड्यूटियां लगाई हैं।
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