PM Modi Seva Yatra: ‘मैं आपके पुण्य का आधा हिस्सा चुरा रहा हूं…’ PM मोदी ने सेवा यात्रियों से क्यों कहा ऐसा?

वडनगर से वाराणसी जा रहे सेवा यात्रियों से PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया संवाद, सेवा को बताया प्राथमिक दायित्व

PM Modi Seva Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर यात्रा कर रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं के अनुभव सुने और सेवा के महत्व पर बात की। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए ऐसा वाक्य कहा, जिसने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

प्रधानमंत्री ने सेवा यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और कोई उसे प्रणाम करता है, तो यात्रा से मिले पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले को मिल जाता है। इसी बात को अपने अंदाज में जोड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज वह भी सभी सेवा यात्रियों को नमन करके उनके पुण्य का आधा हिस्सा ‘चुरा’ रहे हैं।

उनकी इस बात पर कार्यक्रम का माहौल हल्का और खुशनुमा हो गया। सेवा यात्रा में शामिल युवाओं ने मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री की बात सुनी और तालियां बजाईं।

वडनगर से काशी तक सेवा का संदेश

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किया गया है। इसके तहत वडनगर और वाराणसी के बीच सेवा यात्राएं आयोजित की जा रही हैं। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी के शुरुआती जीवन से जुड़ा शहर है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है।

17 सितंबर से शुरू हुई यह यात्रा कई राज्यों, जिलों और गांवों से गुजर रही है। यात्रा के दौरान सेवा यात्री केवल बाइक से दूरी तय नहीं कर रहे हैं, बल्कि रास्ते में स्थानीय लोगों से संवाद और विभिन्न सेवा गतिविधियों में भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें स्वच्छता अभियान, स्कूलों और अस्पतालों में संपर्क, स्थानीय समुदायों से बातचीत तथा अन्य सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। यह अभियान 7 अक्टूबर तक चलने वाला है।

‘मेरे लिए एक जन्मभूमि, दूसरी कर्मभूमि’

सेवा यात्रियों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने वडनगर और वाराणसी से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों शहर प्राचीन और जीवंत शहर हैं और उनके लिए एक जन्मभूमि है तो दूसरी कर्मभूमि।

उन्होंने कहा कि सेवा यात्री इन दोनों शहरों के बीच सेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यात्रा में शामिल कुछ युवाओं से बातचीत के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बातें सुनकर ऐसा महसूस हुआ जैसे वह स्वयं भी उनके साथ यात्रा कर रहे हों।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश को करीब से समझने और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से जुड़ने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक देश की विविधता, लोगों की आकांक्षाओं और अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों को समझना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अनुभव हो सकता है।

‘सेवा सिर्फ शब्दों में नहीं, काम में दिखनी चाहिए’

पीएम मोदी ने सेवा के भाव को लेकर कहा कि इसका संदेश केवल बोलने से नहीं, बल्कि अपने काम के जरिए लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा को प्राथमिक उद्देश्य बनाकर आगे बढ़ना जरूरी है और सार्वजनिक जीवन में ऊंचे पद पर पहुंचने के बावजूद सेवा की भावना बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने ‘सेवा परमो धर्मः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा के रास्ते से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने व्यवहार और काम के माध्यम से समाज में सेवा का संदेश आगे बढ़ाएं।

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‘हम राष्ट्र निर्माण के लिए निकले हैं’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सेवा कार्यों को व्यापक राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि राजनीतिक गतिविधियां, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन देश के विकास के लिए लगातार काम करना जरूरी है।

उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रधानमंत्री के मुताबिक आज की युवा पीढ़ी इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली भी है और आने वाले समय में इसके परिणामों की सबसे बड़ी लाभार्थी भी होगी।

उन्होंने युवाओं से कहा कि भारत को जमीन पर जाकर समझना, अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लोगों से मिलना, उनके सपनों और आकांक्षाओं को जानना इस यात्रा का अहम हिस्सा है।

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