Saurabh Bharadwaj: वोटर लिस्ट को लेकर बढ़ा विवाद, सौरभ भारद्वाज ने SIR पर कही बड़ी बात

Saurabh Bharadwaj: दिल्ली में SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

Saurabh Bharadwaj: दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को निशाने पर लेते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर जो विवाद आज सामने आ रहा है, वह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं।

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में ऐसे मतदाताओं की शिकायतें मिलती रही हैं, जिनका नाम मतदान के समय अचानक वोटर लिस्ट से गायब पाया गया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा है और इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप

AAP नेता ने कहा कि कई लोग वर्षों से नियमित रूप से मतदान करते रहे हैं, लेकिन चुनाव के दिन उन्हें पता चलता है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और SIR प्रक्रिया के बाद इस विषय पर फिर से बहस तेज हो गई है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो यह केवल एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। इसलिए मतदाता सूची को लेकर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी साधा निशाना

सौरभ भारद्वाज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेदों की चर्चा रही है। भारद्वाज ने कहा कि इस पूरे मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए ताकि लोगों के मन में किसी प्रकार का संदेह न रहे।

हालांकि, चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि चुनावी प्रक्रियाएं तय नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित की जाती हैं तथा मतदाता सूची को अपडेट करने का काम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

SIR प्रक्रिया की समीक्षा की मांग

AAP नेता ने मांग की कि SIR से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए। उनका कहना है कि यदि कहीं भी मतदाता सूची में त्रुटियां या अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उन्हें तत्काल सुधारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में सभी राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों और संबंधित संस्थाओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

SIR को लेकर दिल्ली ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दल जहां मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी बहस जारी है।

फिलहाल SIR का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले पर चुनाव आयोग, राजनीतिक दलों और अन्य पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस बहस को और आगे बढ़ा सकती हैं।

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