शिमला। प्रधानमंत्री पोषण अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील के लिए भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। स्कूलों को अपने स्तर पर यह पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिए ऑनलाइन ही प्रक्रिया होगी। पंजीकरण के लिए जो खर्च आएगा उसे शिक्षा विभाग देगा। अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा डा. भुवन शर्मा की ओर से इस संबंध में प्रदेश के सभी शिक्षा उपनिदेशकों को सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तय समय पर यह पंजीकरण करवाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। राज्य सलाहकार समिति की बैठक में यह मामला उठा था। विभाग ने इसके बाद सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।हालांकि कुछ स्कूल इसमें पहले से लेकर पंजीकृत है, लेकिन ज्यादातर स्कूलों ने इसमें पंजीकरण ही नहीं करवाया है। योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक आहार मिल रहा है या नहीं, इसकी जांच भी की जाएगी। खासतौर पर मिड-डे मील में बच्चों को कौन-कौन से आइटम परोसी जा रही है इसका रिकार्ड भी निदेशालय को ऑनलाइन पोर्टल पर भेजना होगा। प्रदेश के 15466 स्कूलों में मिड-डे मील योजना चल रही है। योजना के तहत पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों को 100 ग्राम चावल और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 150 ग्राम चावल प्रतिदिन मिलते हैं।
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